बिजनौर। बदलते मौसम में बिजनौर समेत पश्चिमी यूपी में रबी की मुख्य फसल गेहूं और पहले चरण में होने वाले लोकसभा चुनाव रोजाना रंग बदल रहा है। जिले में गेहूं सुनहरा होकर पकने को है, वहीं 19 अप्रैल को बिजनौर और नगीना सुरक्षित सीट लोकसभा चुनाव के लिए मतदान होगा। चुनाव नजदीक आने पर जिले के राजनीति गतिविधियां दिन रात में बदल रही है। इस व्यस्त समय में किसान खेत, चौपाल, बैठकों में चुनाव पर अपने मुद्दे पर चर्चा कर रहे हैं। साथ ही किसान हित व उत्थान करने वालों को वोट की बात कह रहे हैं।
शुगर बाउल क्षेत्र में गन्ने के बाद द्वितीय फसल गेहूं है। बिजनौर जनपद में गन्ना दो लाख 63 हजार 883 हेक्टेयर क्षेत्रफल में है। इस बार गेहूं का क्षेत्रफल 255649 हेक्टेयर से ज्यादा ही है। गेहूं की फसल पकने को है और गन्ना बुवाई व गन्ना आपूर्ति का काम चल रहा है, लेकिन चुनाव भी साथ चल रहा हैै। किसान खेत में हो या सामान लेने बाजार आया हो या गांव की चौपाल हो। मंगलवार को चक्कर रोड पर एक चुनाव पर कई किसान उपस्थित थे। उनसे चुनाव पर बात हुई, तो उनके अपने मुद्दे थे और उनके निदान उम्मीद थी। किसानों का कहना था कि अगर किसान को उनकी फसलों का उचित मूल्य व समय पर भुगतान और खाद, बीज तथा कीटनाशक सस्ते दाम पर मिलें, तो किसान का उत्थान होगा। किसानों को किसी सहायता की जरूरत नहीं होगी। सरकार अन्य लालच न देकर इन बिंदुओं पर काम करें, तो किसान की आय बढ़ेगा। किसान समृद्ध व खुशहाल होगा। तो अन्य वर्ग भी खुशहाल होंगे और देश व प्रदेश प्रगति की ओर अग्रसर होगा।
किसान विरेंद्र सिंह ने कहा कि राजनीतिज्ञ कहते है कि देश की खुशहाली का रास्ता गांव खेत से होकर जाता है। इसलिए आने वाली सरकार से उन्हें उम्मीद रहेगी कि वह किसानों के फसलों का उचित मूल्य व समय पर भुगतान कराएं। इसी मुद्दे को लेकर वह मतदान करेंगे। साथ ही उन्होंने सभी से मतदान जरूर करने की अपील है।
संजीव चौधरी का कहना है कि किसान बड़ा परिवार है। लोकसभा चुनाव में किसान को थोड़ा समय निकालकर सोचना हो चाहिए। कि वह उसे वोट दें, जो किसान के लिए सोच रहा है और किसानों के लिए काम करेगा। किसान मेहनत करके अपना, परिवार और समाज के लिए फसलों का उत्पादन करता है।
राकेश पाल सिंह का कहना है कि खेती को लघु उद्योग की तरह सुविधाएं मिलें और विकसित किया जाए, तो किसानों के बच्चे यानि युवा अन्य जगह रोजगार की तलाश में नहीं जाएगा। वह खेती में मेहनत कर भविष्य संवारने का काम करेगा। खेती से किसान के साथ अन्य लोगों को काम मिलता है यानी अधिक को रोजगार मिलता है।
नवरात्र पर संकटा देवी मंदिर में स्थापित की गई माता रानी की भव्य मूर्तिं- आयोजक
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