बिजनौर। किसान सेवा सहकारी समितियों के चुनाव में संचालकों के वार्ड आरक्षण और परिसमीन पर सवाल उठ रहे हैं। भाकियू लोकशक्ति ने परिसमीन में धांधली का आरोप लगाते हुए सहायक निबंधक सहकारिता के कार्यालय पर शुक्रवार को दूसरे दिन भी धरना दिया। इस दौरान उन्होंने समिति के प्रबंध निदेशक को भी अपने बीच बैठा लिया।
शुक्रवार को विकास भवन में स्थित सहायक निबंधक सहकारिता के कार्यालय पर जारी धरने में किसानों ने जमकर नारेबाजी की। इन्होंने समितियों के आरक्षण और परिसीमन में धांधली का आरोप लगाया। भाकियू लोकशक्ति के जिलाध्यक्ष चौधरी वीर सिंह सहरावत ने बताया कि नांगल समिति पर ग्राम चमरौला के लगभग 300 वोट हैं और ढोलापुरी 60 वोट हैं। इन दोनों को मिलाकर एक वार्ड बनाया जाता था। उन्होंने आरोप लगाया कि इस बार चमरौला को ग्राम सौफतपुर में जोड़ दिया गया है। ढोलापुरी को अलग वार्ड बना दिया। ऐसे में लगभग 60 वोट से ही संचालक बन जाएगा। आरोप है कि ऐसी अनियमितताएं जिले में कई और जगह भी की गई हैं। धरने में नांगल समिति के सभापति तपेंद्र सिंह, चौधरी पदम सिंह, जग्गन अली, अमरीश चौधरी, रामकुमार सिंह, भूपेंद्र सिंह, शीशपाल सिंह, प्रदीप चौधरी, सरदार जरनैल सिंह आदि मौजूद रहे।
गांव में पिछड़ी जाति के महज चार वोट, आरक्षित कर दी सीट
बिजनौर। कोतवाली ब्लॉक की हकीकतपुर सहसू सहकारी समिति के मौजूदा सभापति विनोद कुमार को इस बार संचालक बनने का भी मौका नहीं मिलेगा। दरअसल, जिस सीट से वे संचालक बनकर आए थे, उसे पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित कर दिया। सभापति का आरोप है कि पिछड़ा जाति के गांव में सिर्फ चार वोट हैं, इसी वर्ग के लिए वार्ड आरक्षित कर दिया है। विनोद कुमार ने बताया कि समिति में वार्ड नंबर आठ हकीकतपुर सहसू में अधिकांश मतदाता अनुसूचित जाति के हैं, फिर भी संचालक पद के लिए इस वार्ड को पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित कर दिया। उनका कहना है कि इसी तरह से इस समिति के गांव शाहअलीपुर आशा उर्फ पड़ली को अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित किया गया है जबकि इस वार्ड में इस जाति के सिर्फ तीन वोट हैं। सभापति का आरोप है कि शिकायत दर्ज कराने पर उन्हें धमकी भी दी गई।