- पहले चरण में 80 सड़कों का निर्माण कराने के लिए भेजे गए थे प्रस्ताव
- इसी महीने प्रस्तावों को मंजूरी मिलने की उम्मीद
- लोक निर्माण विभाग के हवाले की गई थी जिले में 150 सड़क
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। गन्ना विभाग की बदहाल सड़कों की सूरत बदलने वाली है। इन टूटी सड़कों का अब निर्माण किया जाएगा। दरअसल पहले चरण में लोक निर्माण विभाग ने 80 सड़कों का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा था, जिन्हें इसी महीने मंजूरी मिल जाएगी। इन सड़कों को इस बार गन्ना ढुलान के लिहाज से मजबूत तरीके से बनाया जाएगा।
गन्ना विभाग में सड़कों की मरम्मत या निर्माण के लिए मिलने वाले बजट में कटौती कर दी गई थी। जिसके बाद विभाग की सड़कों को लोक निर्माण विभाग के हवाले करने की प्रक्रिया चली। सड़कों को स्थानांतरित होने की प्रक्रिया के बाद लोक निर्माण विभाग ने पहले निर्माण और विशेष मरम्मत का बीड़ा उठाया है।
पहले चरण में लोक निर्माण विभाग की ओर से जिले की 80 सड़कों के प्रस्ताव शासन को भेज दिए गए थे। सूत्रों की मानें तो दो से तीन दिन के भीतर इन प्रस्तावों को मंजूरी मिलने की उम्मीद है। जबकि दूसरे चरण में 30 सड़कों के प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं। पहले चरण की 80 सड़कों का निर्माण अगले एक दो महीने में चालू हो जाएगा। बता दें कि लोक निर्माण विभाग को करीब 150 सड़क सौंपी जा चुकी है।
- नवीन तकनीक होगा इस्तेमाल, पांच साल रहेगी गारंटी
गन्ना विभाग की सड़कों का निर्माण गन्ना ढुलाई के लिए किया जाता है। ऐसे में सड़क पर अधिक भार ढोए जाने के लिहाज से नवीन तकनीक से निर्माण किया जाएगा। निर्माण के वक्त ईटीए की लेयर डालकर ओवर-ले देकर मजूबत बनाया जाएगा। साथ ही इन सड़कों का गारंटी पीरियड पहले एक साल होता था, जबकि अब गारंटी पीरियड पांच साल रहेगा।
वर्जन : पहले चरण में गन्ना विभाग से मिली 80 सड़कों के प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजे गए थे। जिन्हें इसी सप्ताह मंजूरी मिल सकती है। करीब तीस करोड़ की लागत से निर्माण होगा। निर्माण में नवीन तकनीक भी प्रयोग की जाएगी। - एसके राव, अधिशासी अभियंता लोनिवि