बिजनौर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रामलाल ने दूध में मिलावट के मामले में गुलाम साबिर को निचली अदालत की ओर से सुनाई गई छह माह की सजा और एक हजार के अर्थदंड को कायम रखा है। इस सजा के खिलाफ की गई अपील को निरस्त कर दिया।
शासकीय अधिवक्ता प्रमोद शर्मा के अनुसार बिजनौर के खाद्य निरीक्षक राजपाल यादव ने 29 दिसंबर 1997 को शाम पांच बजे पीर की चुंगी नहटौर में गुलाम साबिर निवासी ढूंढाखेड़ी को 50 लीटर दूध ले जाते हुए रोका था। उसके दूध का नमूना लिया गया। प्रयोगशाला की जांच में दूध में मिलावट पाई गई। अपर सीजेएम ने मिलावटी दूध के मामले में 28 जनवरी 2014 में गुलाम साबिर को छह माह के कारावास और एक हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई थी। सजा के खिलाफ गुलाम साबिर ने अपील दाखिल की थी। जो निरस्त कर दी गई है। सजा को बरकरार रखा गया है। संवाद