नजीबाबाद। न्यायालय द्वारा तय की गई दुर्घटना क्लेम की धनराशि अदा नहीं करने पर राजस्व विभाग ने बाइक स्वामी को हिरासत में लिया। प्रधान संघ के अध्यक्ष और ग्राम प्रधानों ने जाविद को निर्दाेष बताते हुए उसे हिरासत में लेने का विरोध किया। तहसील में संग्रह अमीन और ग्रामीण जनप्रतिनिधियों के बीच जमकर नोकझोंक हुई।
गांव इस्लामपुर शाहली गाजीपुर निवासी जाविद ने करीब एक दशक पूर्व अपनी बाइक बसेड़ा दूधली निवासी छत्रपाल सिंह को बेची थी। जाविद उसके बाद विदेश चला गया। कुछ समय पूर्व ही वह विदेश से लौटा है। छत्रपाल द्वारा बाइक खरीदने के बाद मार्ग दुर्घटना में एक मौत होने पर न्यायालय ने मृतक के पक्ष में मुआवजा निर्धारित किया। बाइक के कागजात जाविद के नाम होने और मुआवजे की धनराशि अदा नहीं करने पर राजस्व विभाग ने जाविद को सोमवार को हिरासत में ले लिया।
प्रधान संघ के अध्यक्ष प्रशांत कुमार, मुस्सेपुर ग्राम प्रधान के पति वसीम राजा, फिरासत अली, अनव्वर आदि ने तहसील पहुंचकर तहसीलदार से छत्रपाल के स्थान पर जाविद को हिरासत में लेने का विरोध किया। उन्हाेंने संग्रह अमीन नौबहार सिंह पर मुख्य आरोपी से हमसाज होने का आरोप लगाया। संग्रह अमीन नौबहार सिंह का ग्राम प्रधानों और ग्रामीणों ने घेराव किया। काफी देर तक तहसील में हंगामा चला।
उधर, तहसीलदार कमलेश कुमार ने बताया कि न्यायालय की ओर से मुआवजा धनराशि अदा नहीं करने पर संबंधित जाविद और छत्रपाल से वसूली की रिकवरी तहसील को मिली है। जिस पर कार्रवाई की गई। तहसीलदार ने बताया कि जिस बाइक से दुर्घटना हुई थी वह जाविद के नाम है। देर शाम तक ग्राम प्रधान प्रतिनिधियों में वार्ता के बाद राजस्व विभाग मुआवजे की कुछ धनराशि जमा कराने के बाद जाविद को छोड़ने पर सहमत हुआ।