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उपभोक्ता को सही रीडिंग के साथ बिल उपलब्ध कराएं: एम देवराज

Thu, 27 Apr 2023 12:28 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
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बिजनौर कलक्ट्रेट के महात्मा विदुर सभागार में विद्युत विभाग के अ​धिकारी की बैठक लेते उत्तर प्रदे
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-पूरी राजस्व वसूली से निगम की वित्तीय स्थिति में सुधार संभव
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-बिजली उपभोग के सापेक्ष शतप्रतिशत करें बिजली बिल की वसूली
-फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन अध्यक्ष एम़ देवराज ने विद्युत विभाग के अफसरों को आदेश दिया कि वह उपभोक्ताओं को सही रीडिंग के साथ बिल उपलब्ध कराएं। नेवर पेड उपभोक्ताओं से विद्युत मूल्य वसूलने, लाइन हानियों को रोकने तथा बिजली उपभोग के सापेक्ष शतप्रतिशत रूप से वसूली करने के निर्देश दिए।
कलक्ट्रेट स्थित महात्मा विदुर सभागार में विभागीय अधिकारियों के बैठक लेते हुए उप्र पावर कॉरपोरेशन अध्यक्ष एम. देवराज ने अफसरों से कहा कि ट्रांसफार्मर फुंकने अथवा खराब होने की शिकायतों की जांच करें, बिना जांच किए ट्रांसफार्मर को वर्कशाप में न भेजें। अफसर लोड बढ़ने के कारणों की भी जांच करें। जिले की आबादी के हिसाब से विद्युत कनेक्शन बहुत कम हैं। विभागीय अधिकारी क्षेत्र में भ्रमण कर शिविरि लगाकर विद्युत कनेक्शनों को मानक के अनुरूप लाने का प्रयास करें।
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एम देवराज ने कहा कि उप्र पॉवर कॉरपोरेशन एक कामर्शियल संस्था है। अतः पूरी मेहनत और जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों एवं दायित्वों को पूरा करें। कहा कि बिल वसूली के साथ विद्युत चोरी के मामलों पर भी नियंत्रण करें। उन्होंने निर्देश दिए कि नए नियम के अनुसार जून 2022 से बिजली उत्पादकों को निश्चित समय सीमा में पैसा जमा करना सुनिश्चित कराएं। कोई भी बकायेदार पर अवशेष न रहने पाए। उन्होंने स्पष्ट करते हुए कहा कि उप्र पावर कॉरपोरेशन बहुत गंभीर है। केवल काम करके और मेहनत से ही निगम की वित्तीय स्थिति में सुधार संभव है। उप्र पावर कॉरपोरेशन अध्यक्ष एम़ देवराज ने जिलाधिकारी उमेश मिश्रा से भी विद्युत संबंधी, विद्युत मूल्य वसूली आदि महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की।
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पूरी राजस्व वसूल होने दूर होगा निगम का घाटा
उप्र पावर कॉरपोरेशन अध्यक्ष एम. देवराज ने बैठक में निगम की वित्तीय स्थिति की विस्तृत जानकारी दी। बताया कि वर्तमान में लगभग 1500 करोड़ प्रतिमाह कैश गैप है, जिसके कारण रोजाना 50 करोड़ का घाटा बढ़ रहा है। कहा कि इस गैप और घाटे को पूरा करने का मात्र एक ही उपाय है कि जब सभी अधिकारी एवं कर्मचारी उपभोक्ता से विद्युत व्यय का पूरा राजस्व वसूल करें। अगर वित्तीय स्थिति में सुधार नहीं होगा तो आगे लोन भी नहीं मिल पाएगा। अधिकारियों एवं कर्मचारियों को वेतन दे पाना कठिन हो जाएगा।
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