- अनुबंध कर किराए पर चल रहे निजी वाहनों को व्यवसायिक में कराना होगा पंजीकरण
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। सरकारी और तमाम गैर सरकारी संस्थाओं में अनुबंध करते हुए गाड़ियां मासिक किराए पर चल रही हैं। इनमें अधिकांश का पंजीकरण व्यवसायिक के तौर पर नहीं, बल्कि निजी है। इससे टैक्स की चोरी हो रही है। ऐसे वाहनों पर अब विभाग सख्त रुख अख्तियार करने जा रहा है। जगह-जगह चेकिंग कर इन वाहनों को पकड़ते हुए कार्रवाई की जाएगी। हालांकि अभी ऐसे वाहन स्वामियों को विभाग ने सचेत किया है।
तमाम सरकारी विभागों, बैंकाें और अन्य संस्थाओं के पास अपने निजी वाहन नहीं होते हैं। ऐसे में ये संस्थाएं अनुबंध करते हुए मासिक किराए पर कार या अन्य गाड़ी संचालित करते हैं, जिससे विभागीय कामकाज में गाड़ी से आना जाना हो सके। सूत्रों की मानें तो सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी की पड़ताल में सामने आया कि निजी तौर पर पंजीकृत वाहनों का व्यवसायिक उपयोग किया जा रहा है। इसके चलते अब कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। एआरटीओ प्रवर्तन गौरी शंकर सिंह ने बताया कि बैंकों, अर्द्धसरकारी संस्थानों, सड़क निर्माण एजेंसियों, भारतीय खाद्य निगम इत्यादि संस्थान जहां पर निजी वाहन के रूप में पंजीकृत वाहनों को किराये पर अनुबन्ध करके व्यवसायिक रूप से प्रयोग में लाया जा रहा है, उनका व्यवसायिक वाहन के रूप में पंजीकृत कराना जरूरी है। किसी भी दशा में निजी वाहन को व्यवसायिक वाहन के रूप में संचालित नहीं होने दिया जाएगा।