प्रधानमंत्री स्वच्छता मिशन को जिम्मेदार लगा रहे पलीता
बिजनौर। जिनके भरोसे प्रशासन प्रधानमंत्री की ओर से चलाए गए स्वच्छता मिशन को धार देने का दम भरता है वहीं, कर्मचारी इस योजना को पलीता लगा रहे हैं। डीएम के आदेश पर इस योजना की जमीनी हकीकत जानने निकले डीपीआरओ को गांव में कूड़े तथा गंदगी के ढेर मिले। इसके बाद गांव में तैनात चार सफाई कर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है। साथ ही आरोपियों का वेतन आहरण करने के लिए पंचायत सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी किया की जाएगी। दरअसल, यह जिला प्रधानमंत्री के स्वच्छता मिशन ग्रामीण क्षेत्र में देश के टॉप 100 जिलों में शामिल है। पंचायतराज विभाग डीएम रमाकांत पांडेय के निर्देश पर जिले को स्वच्छता पायदान पर अग्रणी बनाने में जुटा है। डीपीआरओ सतीश कुमार ने बुधवार को पौने बारह बजे मौहम्मदपुर देवमल ब्लॉक के मुढाल का औचक निरीक्षण किया। गांव के रास्तों व गलियों में फैली गंदगी तथा जगह जगह लगे कूड़े के ढेरों को देखकर वह हैरान रह गए। ग्रामीणों ने डीपीआरओ को घेर लिया। आरोप लगाया कि वे अपने घरों के आगे स्वयं झाड़ू लगाते है। गांव में नियमित सफाई नहीं होती है। डीपीआरओ के मुताबिक गांव में तैनात चारो सफाई कर्मचारी एक जगह बात करते मिले। जवाब मांगने पर उन्होंने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। इसके बाद डीपीआरओ ने चारों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। साथ ही आरोपियों का वेतन निकलवाने के आरोप में पंचायत सचिव को नोटिस जारी किया जा रहा है। संलिप्तता मिलने पर कार्रवाई होगी। डीपीआरओ ने बताया कि गांवों में सफाई व्यवस्था की रैंडम चेकिंग के लिए टीम बनाई जा रही हैं। लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।