- अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से यूनिवर्सल स्कूल में हुआ अपराजिता कार्यक्रम
- छात्राओं को बताया अपराजिता का मतलब कभी भी पराजय नहीं होना
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से मंगलवार को यूनिवर्सल स्कूल में आयोजित अपराजिता कार्यक्रम हुआ। मुख्य अतिथि एसडीएम आकांक्षा गुप्ता ने अपराजिता शब्द से ही छात्राओं से संवाद शुरू किया। बताया कि अपराजिता कभी ना पराजय होना होता है। अभी से सकारात्मक सोच के साथ पूरी ईमानदारी, निष्ठा के साथ पढ़ाई करें तो निश्चित ही लक्ष्य आसानी से प्राप्त कर सकते हैं।
एसडीएम आकांक्षा गुप्ता ने छात्राओं की कॅरिअर काउंसिलिंग करते हुए कहा कि कक्षा दसवीं पास करने के उपरांत एक लक्ष्य निर्धारित कर लें और उसी के अनुसार पढ़ाई करें। बीच बीच में आपकी सोच में परिवर्तन हो सकता है। ऐसे में अपना आत्मबल बढ़ाने की आवश्यकता है। अपनी योग्यता और इच्छा के अनुसार सिविल सर्विस, इंजीनियरिंग, चिकित्सा जो भी क्षेत्र हो उसे चुन लें।
कहा कि अगर परिजन आपको कुछ करने के लिए मना करते हैं, तो नाराज होने की जरूरत नहीं है। आप उन्हें पढ़ाई के माध्यम विश्वास दिलाओ कि आप जो अवसर प्राप्त करना चाहते हो उसकी तैयारी आपने कर रखी है। उन्होंने छात्रों के सवालों का जवाब दिया। इस अवसर पर स्कूल प्रबंधक राकेश कर्णवाल, उप प्रधानाचार्या खुशबू कर्णवाल, शिक्षिका कविता शर्मा, सुमन रावत, माही कौशिक, मेघा यादव आदि उपस्थित रहे।
छात्रा सुहानी : ये कैसे पता करें कि कौनसा फील्ड अच्छा है।
उत्तर - ये आपकी योग्यता, विषयों के अनुसार तय होता है। आप ईमानदारी से आत्मबल के साथ लक्ष्य तक करें और उसकी तैयारी में जुट जाएं, निश्चित सफलता मिलेगी।
छात्रा इशिका : महिलाओं की नौकरी के लिए कौनसा क्षेत्र अच्छा व सुरक्षित है।
उत्तर - यदि आप के मन में कोई केस है तो उसे डरो मत और बाद तक देखो। हमें हर परिस्थिति से लड़ते हुए अपने लक्ष्य पर पहुंचने के लिए आगे बढ़ते रहें।
छात्रा ईशिका: माता पिता घर से बाहर नहीं जाने देते हैं। उन्हें कैसे मनाएं।
उत्तर - माता पिता उन्हें बहुत प्यार करते और वह हमारे अच्छे के लिए सोचते हैं। हमें ही अपने माता पिता को विश्वास दिलाना होगा कि हम जो बनना चाहते है उसके योग्य है। वह मान जाते हैं।
छात्रा दीपशिखा : सोशल मीडिया का क्या प्रभाव पड़ता है। हमें कैसे इस्तेमाल करें।
उत्तर- सोशल मीडिया का दोनों ओर प्रभाव है। सोशल मीडिया से हमें अच्छी व अपनी जरूरत की जानकारी प्राप्त करें। बाकी पर ध्यान नहीं देना चाहिए
छात्रा सुचित्रा : सिविल सर्विस में जाने के लिए क्या करना चाहिए।
उत्तर - कोई विशेष योग्यता नहीं है। हम स्नातक हो और एक परीक्षा पास कर सिविल सर्विस की तैयारी कर आईएएस बन सकते हो।
छात्रा अक्षरा: वह कंफ्यूज है कि इंजीनियर बने या डाक्टर आप मार्ग दर्शन करें
उत्तर - अभी से मन में तय कर लें कि आप क्या बनना चाहते हैं। उसी के साथ तैयारी में जुट जाएं। आपको सफलता निश्चित मिलेगी।
छात्र सत्यम राठी : एनडीए में जाएं या और किसी क्षेत्र में, यह तय नहीं कर पाएं हैं।
उत्तर - इंटर में अपनी योग्यता विषय के आधार पर कुछ बनने का लक्ष्य तय कर लें और उसकी तैयारी करें।
छात्रा ग्रेसी : लॉ में नियम और दंड दोनों है। नियमों पर कार्रवाई अधिक होती है।
उत्तर - नियम हमारी बहुत मदद करते हैं। नियम में रहकर ही हमें किसी की मदद करनी चाहिए। वरना आगे हमारे लिए ही नुकसानदायक साबित होगी।
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निश्चित ही मिलेगी सफलता
प्रधानाचार्य डॉ. अनुज त्यागी ने छात्राओं को विभिन्न उदाहरण देते हुए कहा कि आप पूरी निष्ठा के साथ अपने मकसद में जुट जाएं, निश्चित ही सफलता मिलेगी।
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