- 1000 से अधिक गांवों में बनेंगे कूड़ा कलेक्शन केंद्र
बिजनौर। गांवों की सड़कों व खडंजों पर कूड़ा करकट फैला दिखाई नहीं देगा। गांवों में शहरी तर्ज पर गंदगी फैलने से रोकी जाएगी। 1000 से अधिक गांवों में कूड़ा कलेक्शन केंद्र बनेंगे। शौचालय विहीन परिवारों के 15000 से अधिक शौचालय बनेंगे। पंचायतीराज विभाग योजना के क्रियान्वयन में जुट गया है।
डीपीआरओ अरविंद जायसवाल के अनुसार भारत स्वच्छता मिशन के अंतर्गत गांवों में कूड़ा-करकट फैलने से निजात मिलेगी। शासन से सड़कों व खडंजो पर गंदगी फैलने से रोकने की योजना आई है। योजना के अंतर्गत 1134 पंचायतों में 16473 शौचालय का निर्माण होगा। एक शौचालय के निर्माण पर 12000 रुपए लागत आएगी।
डीपीआरओ के मुताबिक 641 ग्राम पंचायतों के 1077 राजस्व गांवों में शहरी तर्ज पर कूड़ा करकट फैलने से रोकने के इंतजाम किए जाएंगे। इसके लिए गांवों में कूड़ा कलेक्शन केंद्र बनेंगे। रोजाना डोर टू डोर कूड़ा इकट्ठा होगा। कूड़े का यांत्रिक डिस्पोजल किया जाएगा। ग्रामीणों के लिए खाद के गड्ढे बनेंगे। डस्टबिन रखें जाएंगे। ग्रामीणों को नयी तकनीक से कंपोस्ट खाद मिलेगा। जागरूकता अभियान चलेगा।
173 गांव हुए ओडीएफ प्लस
जिला वर्ष 2017 में ओ डी एफ घोषित हुआ था। शासन के निर्देश पर गांवों का ओडीएफ स्टेटस बनाए रखने के लिए ओडीएफ प्लस अभियान शुरू हुआ। जिले की 1134 ग्राम पंचायतों में 2000 से अधिक राजस्व गांव है । 1077 गांव ओडीएफ प्लस बनेंगे।डीपीआरओ अरविंद जायसवाल के अनुसार 173 गांव ओडीएफ प्लस हो गए हैं।