जिला पंचायत को हाईटेक बनाने की तैयारी, पीओएस से होगी वसूली
बिजनौर। जिला पंचायत में कामकाज के ढर्रे में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। जी हां, इस संस्था को हाईटेक बनाने की तैयारी है। लेनदेन पूरी तरह से कंप्यूटराइज्ड होने वाला है और पीओएस (प्वाइंट ऑफ सेल) मशीन से कर और अन्य मदों में ली जाने वाली रकम की वसूली की जाएगी। उड़ीसा राज्य की तर्ज पर यह कवायद की जा रही है, जिससे लेनदेन में पारदर्शिता आएगी। बकायदा एक बैंक से करार किए जाने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है और सॉफ्टवेयर भी तैयार कराया जा रहा है।
जिला पंचायत जनपद की सबसे बड़ी संस्था होती है जो ग्रामीण इलाकों में विकास ही नहीं कराती बल्कि महत्वपूर्ण मेला आयोजनों का जिम्मा भी संभालती है। यूं तो एक जमाने में स्कूल, अस्पताल भी जिला पंचायत के अधीन हुआ करते थे, लेकिन वक्त के साथ जिला पंचायत का कामकाज सिमटता चला गया। स्कूल, शिक्षा विभाग और अस्पताल स्वास्थ्य विभाग के अधीन चले गए। हालांकि अभी भी जिला पंचायत विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
जिले में गेस्ट हाउस से लेकर दुकानों समेत काफी संपत्ति जिला पंचायत के पास है। दुकानों और जमीनों से जिला पंचायत को किराया मिलता है। वहीं ईट भट्टे, उद्योग, दुकानों आदि से टैक्स भी वसूला जाता है।
मुद्दे की बात करें तो टैक्स और किराए आदि से मिलने वाली रकम समेत अन्य लेनदेन का ढर्रों बदलने जा रहा है। पीओएस मशीन से कर वसूली की जाएगी। कर निरीक्षक को पीओएस मशीन मिलेंगी जो डेबिट, क्रेडिट या अन्य इलेक्ट्रानिक माध्यम से रकम सीधे खाते में प्राप्त करेंगे। पीओएस मशीन से जमा रकम की पावती मिलेगी।
जिला पंचायत के सूत्रों की मानें तो उड़ीसा राज्य में पहले से ही जिला पंचायतों में पीओएस मशीन से काम हो रहा है। अब इसी मॉडल को उत्तर प्रदेश में लागू किया जा रहा है। जिला पंचायत बिजनौर ने एक बैंक से संपर्क साध लिया है। जो अगले तीन-चार दिनों में ही पीओएस मशीनें उपलब्ध कराएगा। पीओएस मशीन चलाने के लिए बाकायदा कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
टैक्स नहीं दिया तो मोबाइल पर पहुंचेगा नोटिस
एक सॉफ्टवेयर भी तैयार किया जाना है। इसमें पूरी लिस्ट होगी जो टैक्स अदा करते हैं। समय पर टैक्स जमा नहीं किया तो मोबाइल पर मेसेज पहुंचेगा। निर्धारित समय अवधि समाप्त होने के बाद नोटिस भी एक क्लिक पर पहुंच जाएगा। जिससे नोटिस नहीं मिलने का बहाना भी करदाता नहीं बना पाएंगे।
सीधे खाते में जमा होगी रकम
अभी तक पुरानी व्यवस्था चल रही है। जिसमें टैक्स की रकम नकद जमा कर रशीद ली जाती है। यह पैसा इकट्ठा कर जिला पंचायत के कर्मचारी बैंक खाते में जमा करते हैं। पीओएस मशीन से वसूली में पैसा सीधे जिला पंचायत के खाते में जमा होगा, जिसमें गड़बड़ी होने की आशंका भी नहीं रहेगी। इसके अलावा निर्धारित रकम से ज्यादा वसूली की शिकायतें भी नहीं होंगी।
वर्जन...
उड़ीसा की तर्ज पर प्रदेश की सभी जिला पंचायतों में पीओएस मशीनों से वसूली की जाएगी। कर की रकम सीधे बैंक खाते में जमा होगी और पीओएस से जमा की पावती मिल जाएगी। एक बैंक से बात हो गई, जल्द ही छह पीओएस मशीन जिला पंचायत को मिल जाएंगी। एक सॉफ्टवेयर भी तैयार कराया जा रहा है। जो आटोमेटिक मोड में करदाताओं को नोटिस भी देगा।
- श्याम बहादुर शर्मा, एएमए जिला पंचायत