बिजनौर में पेद्दा कांड में नामजद एक आरोपी की गाभिन गाय ने भूख-प्यास से तड़पकर दम तोड़ दिया। परिवार की दो और बछिया भी भूख के कारण कमजोर हो गई हैं। 16 सितंबर को गांव में हुई गोलीबारी में तीन लोगों की मौत की घटना में गांव के 69 वर्षीय प्रेमचंद विश्वकर्मा को नामजद कराया गया था। प्रेमचंद और उनका परिवार घटना के दिन ही गांव छोड़कर चला गया था। बृहस्पतिवार को प्रेमचंद ने अदालत में समर्पण किया। इसके बाद उनकी पत्नी रेशा देवी, पुत्र सुशील, सुनील और अरुण घर लौट आए। परिवार ने देखा कि उनकी आठ महीने की गाभिन गाय भूख-प्यास से तड़प रही है। कुछ देर बाद ही उसने दम तोड़ दिया। रेशा देवी ने बताया कि गाय की कीमत 50 हजार रुपये थी। उनके अन्य पशु भी भूख और प्यास के कारण बहुत कमजोर हो गए हैं। रेशा देवी ने अपने पति प्रेमचंद को निर्दोष बताते हुए कहा कि पेद्दा की घटना से उसके पति का कोई लेना देना नहीं है। उन्होंने बताया कि उनका पति तो सांस का रोगी है। उनको चलने, फिरने तक में दिक्कत आती है। रेशा देवी ने उसके पति का नाम घटना में रंजिशन लिखवाने की बात कही है। वहीं अब पेद्दा गांव में धीरे-धीरे शांति लौटने लगी है। लोग एक-दूसरे से बातचीत करने लग हैं। हालांकि पुलिस और प्रशासन की पैनी नजर है गांव पर। संदिग्धों को गांव में नहीं जाने दिया जा रहा है।