बिजनौर/नजीबाबाद। एमएसपी, कर्ज माफी आदि मांगों को लेकर दिल्ली जाने वाले पंजाब के किसानों को बाॅर्डर पर रोक दिया। किसानों को बॉर्डर पर रोकने के लिए पुलिस के साथ झड़प भी हुई। किसान आंदोलन में शामिल होने को भारतीय किसान यूनियन तोमर के जिलाध्यक्ष विपिन तोमर ने घोषणा की थी। पुलिस ने उन्हें घर रोककर नजर बंद कर दिया। वहीं अन्य किसान संगठनों ने भी दो टूक कहा कि किसानों का उत्पीड़न होगा, तो दिल्ली दूर नहीं है।
नजीबाबाद भारतीय किसान यूनियन तोमर के राष्ट्रीय आह्वान पर दिल्ली कूच करने की तैयारियों में जुटे तोमर गुट के किसानों को पुलिस ने दिल्ली जाने से रोककर घर पर ही नजरबंद कर दिया। सीओ अनिल कुमार सिंह, थाना प्रभारी राजेंद्र पुंडीर के नेतृत्व में पुलिस ने तोमर गुट के किसानों पर निगाह रखी। पुलिस ने बुधवार सुबह मोहल्ला मकबरा में भाकियू तोमर गुट के जिलाध्यक्ष विपिन तोमर और उनके साथियों को दिल्ली जाने से रोक दिया।
पुलिस ने जिलाध्यक्ष को मोहल्ला मकबरा स्थित रवा राजपूत धर्मशाला में नजरबंद रखा। जिलाध्यक्ष विपिन तोमर, कार्यकारी जिलाध्यक्ष शीशपाल राठी, युवा जिलाध्यक्ष चौ. बृजवीर सिंह, युवा जिला उपाध्यक्ष आकाश राठी, हेमेंद्र चौधरी ने सरकार पर किसान विरोधी रवैया अपनाने का आरोप लगाया।
- भाकियू टिकैत का 16 को बाजार बंद का आह्वान
भारतीय किसान यूनियन टिकैत के जिलाध्यक्ष चौधरी सत्यवीर सिंह सोनू ने कहा कि सरकार का शोषण बर्दाश्त नहीं होगा। संगठन किसानों के साथ खड़ा है। जिलाध्यक्ष चौधरी सत्यवीर सिंह सोनू ने किसानों से 16 फरवरी को भारत बंद को सफल बनाने को कहा। सभी किसानों से अपील की है कि वे अपने कार्य बंद रखें। उन्होंने ग्रामीण भारत पूरी तरह से बंद रखने की अपील की है। कहा कि अगर बॉर्डर पर किसानों के साथ शोषण होता है, तो पश्चिमी यूपी के किसान दिल्ली पहुंचने में देर नहीं करेंगे। बस राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैट, प्रवक्ता राकेश टिकैत के आदेश का इंतजार है।
- बर्दाश्त नहीं होगा किसानों का उत्पीड़न
राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के जिलाध्यक्ष विनोद चौधरी एवं पश्चिम प्रदेश महासचिव कैलाश लांबा ने कहा कि किसानों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार को चाहिए कि वे किसानों की बात सुनें और उनकी मांगों को पूरा करने का काम करें। यदि किसानों का उत्पीड़न हुआ, तो संगठन किसानों के साथ खड़ा रहेगा। किसान नेता महिपाल तोमर ने कहा कि किसानों का उत्पीड़न, शोषण होता है तो बिजनौर का किसान भी चुप नहीं रहेगा। किसानों के लिए हमेशा लड़ाई लड़ी गई है। सरकार किसानों पर बल न दिखाए, बल्कि उनकी बात सुनकर उसका समाधान करे।
- सरकार समस्याओं का करें निदान
भाकियू अराजनैतिक के जिलाध्यक्ष चौधरी नितिन सिरोही ने बताया कि किसान जो मांग कर रहे हैं कर्ज माफी, एमएसपी गारंटी कानून, स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू हो, 2021 में जो कमेटी बनी थी। इन्हीं मांगों को लेकर फिर आंदोलन कर रहा है। सरकार किसानों से वार्ता कर इन समस्याओं का समाधान करें।