- बाकी दो आरोपियों का भी मंगलवार को किया गया चालान
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। खेत की मेढ़ को लेकर विवाद में हुए गोलीकांड के बाद गांव कुंआखेड़ा में पुलिस फोर्स तैनात है। पीएसी को गांव में ठहराया गया है। एसपी ने भी मंगलवार को गांव का दौरा करते हुए मौका मुआयना किया। मृतक युवक की बहन और परिजनों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।
इस मामले में गोली लगने से गोविंद सिंह की मौके पर ही मौत हो गई थी जबकि उसे पिता गुरदीप सिंह और भाई अमरीक सिंह गोली लगने से घायल हुए थे। घायल पिता पुत्र का मेरठ के निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है। मंगलवार को बढ़ापुर पुलिस ने गांव कुंआखेड़ा निवासी आरोपी जीवन सिंह और गुरजंट सिंह पुत्रगण अंग्रेज सिंह का भी चालान कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। वहीं सोमवार को मुख्य आरोपी बॉलीवुड कलाकार भूपेंद्र सिंह और उसके नौकर ज्ञान सिंह का चालान कर दिया था। नामजद किए गए चारों आरोपी जेल जा चुके हैं।
उधर मंगलवार की शाम एसपी नीरज कुमार जादौन ने गांव कुआंखेड़ा पहुंचकर घटनास्थल का मौका मुआयना किया। उन्होंने ग्राम प्रधान समेत पीड़ित परिवार से भी जानकारी ली। मृतक गोविंद की बहन ने एसपी को बताया कि उन्होंने पेड़ काटने की शिकायत 19 नवंबर को पुलिस से भी की थी। एसपी ने बताया कि मामले में बढ़ापुर पुलिस की लापरवाही भी सामने आ रही है।
खेतों से निकलने पर लगा रखी थी पाबंदी
बता दें कि बॉलीवुड एक्टर भूपेंद्र सिंह का कुआंखेड़ा में करीब सौ एकड़ का कृषि फार्म है। इसमें उसने बागवानी भी कर रखी है। लोगों का कहना है कि कुछ लोग और बच्चे उसके किन्नू के बाग से होकर निकल जाया करते थे। जिस पर भूपेंद्र ने गांव वालों को उसके बाग से नहीं निकलने की सख्त हिदायत दे रखी थी।
कच्ची है गांव की जमीन
कुआंखेड़ा गांव में साल 1983 में चकबंदी हुई थी। चकबंदी के विरोध में बड़े किसान हाईकोर्ट चले गए थे। तब से चकबंदी पर हाईकोर्ट का स्टे है। साथ ही चकबंदी प्रक्रिया को फिर से चालू भी नहीं किया जा सका। उधर, राजस्व विभाग के पास भी इस गांव की जमीनों का रिकार्ड नहीं है।