- स्योहारा में माता काली मूर्ति खंडित होने के प्रकरण में आया नया मोड़
- पुलिस ने मूर्ति और समाजसेवी द्वारा ईंट की व्यवस्था के बाद शुरू हुआ था काम
- जमीन स्वामी ने मंगलवार को मूर्ति खंडित करना स्वीकारते हुए निर्माण कार्य को रोका
- स्थानीय लोगों ने कहा जमीन दान की, मंदिर का निर्माण कराया जाना चाहिए
संवाद न्यूज एजेंसी
स्योहारा। चार दिन पूर्व पालनपुर रोड पर स्थित माता काली की मूर्ति खंडित करने वाले मामले में नया मोड़ आ गया है। पुलिस द्वारा मूर्ति और समाजसेवी डाॅ. मनोज वर्मा द्वारा ईंट की व्यवस्था करने के बाद निर्माण कार्य शुरू करा दिया गया था। मंगलवार की सुबह जमीन स्वामी ने निर्माण कार्य रुकवा दिया तो लोगों ने विरोध जताते हुए जमकर हंगामा किया। सूचना मिलने पर एसडीएम, सीओ, नायब तहसीलदार आदि ने मौके पर जाकर निर्माण कार्य बंद करा दिया।
शनिवार की रात्रि पालनपुर रोड स्थित काली माता की मूर्ति को खंडित किया गया था। रविवार की तड़के स्थानीय लोगों ने जमकर विरोध किया तो पुलिस द्वारा मूर्ति और डॉ. मनोज वर्मा द्वारा ईंट की व्यवस्था की बात कर सोमवार से मंदिर की चहारदीवारी का कार्य शुरू कर दिया गया था। मंगलवार की सुबह प्रमोद त्यागी ने मंदिर की जमीन को अपना बताते हुए काम रोकने को कहा।
स्थानीय लोगों का कहना था कि जमीन रियासत द्वारा मंदिर के लिए जमीन दान दी गई थी। कुंवरानी कामिनी सिंह भी स्थानीय लोगों के समर्थन में जमीन दान देने का समर्थन कर रही थी। इसी बात को लेकर विवाद फिर शुरू हो गया। सूचना मिलने पर एसडीएम रितू चौधरी, सीओ सर्वम सिंह, नायब तहसीलदार राजकमल सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और निर्माण कार्य बंद करा दिया। इस पर स्थानीय लोगों और प्रशासन के बीच गहमागहमी भी हुई।
एसडीएम रितु चौधरी ने कहा कि दोनों पक्ष थाने आकर अपने अपने कागज दिखाएं। मंदिर बनाने की विधिवत रूप से परमिशन लें, तभी उसके बाद मंदिर निर्माण कार्य किया जाए। बिना परमिशन निर्माण कार्य करनेवालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। सीओ सर्वम सिंह ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिये पुलिस बल तैनात कर दिया है।
हिन्दू संगठनों ने दी आंदोलन की चेतावनी
सैकड़ों की संख्या में थाने पहुंचे भाजपाई और अन्य हिन्दू संगठन के लोगों का कहना था कि नया मंदिर निर्माण के लिए अनुमति की जरूरत होती है। यह मंदिर कई वर्षों पुराना है। पुलिस द्वारा खुद मूर्ति की व्यवस्था कर निर्माण कार्य की अनुमति दी गई थी। अब पुलिस और प्रशासन ने जबरन काम बंद कराया है। यदि पुलिस व राजस्व प्रशासन 24 घंटे में मंदिर की चहारदीवारी निर्माण की अनुमति नहीं देता है तो फिर धरना प्रदर्शन होगा।। इस दौरान मुकेश रस्तोगी, डा. विनीत देवरा, मंडल अध्यक्ष मनोज भटनागर, पीयूष रस्तोगी, विनोद तोमर, नीटू जोशी, अमित शर्मा आदि मौजूद रहे।
प्रमोद त्यागी जमीन को अपना बता रहा है। उसका कहना है कि मंदिर निर्माण होने से उनका फ्रंट व रास्ता बंद हो जाएगा। स्थानीय लोगों और कुंवरानी कामिनी सिंह का कहना है कि ये जमीन रियासत वालों द्वारा तीन सौ गज जमीन दान दी गई थी। दोनों पक्ष को अपने अपने कागज दिखाने को कहा गया है। फिलहाल काम बंद कर पुलिस बल तैनात किया गया है। - राजकमल सिंह, नायब तहसीलदार धामपुर