- बिजनौर पालिका में त्रिकोणीय हुआ मुकाबला, खूब हुई सेंधमारी
-मतदान शुरू होने से खत्म होने तक बार-बार बदलता रहा मतदाताओं का रुख
- उम्मीदवारों और उनके समर्थक जोड़ रहे जीत का गणित
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। बिजनौर नगर पालिका के चुनाव में ध्रुवीकरण नहीं हुआ। ऐसे में मुकाबला त्रिकोणीय होने के आसार बन गए हैं। हालांकि मतगणना के बाद ही अटकलों पर विराम लग सकेगा। मतदाताओं को खामोशी और कुछ नेताओं की नाराजगी ने इस चुनाव को दिलचस्प बना दिया।
बिजनौर नगर पालिका से अध्यक्ष पद के लिए भाजपा से डॉ. बीरबल की पत्नी इंदिरा सिंह मैदान में हैं। उधर, सपा ने पूर्व विधायक रूचिवीरा की बेटी स्वातिवीरा पर दांव खेला था। निर्वतमान चेयरपर्सन रुखसाना परवीन को टिकट देने के बाद सपा ने बाद में स्वातिवीरा को मैदान में उतार दिया था। इसके बाद रुखसाना परवीन को रालोद के टिकट से चुनाव लड़ना पड़ा। रुखसाना परवीन के पति शमशाद अंसारी को रालोद के खेमे वाले जाट वोटर और मुस्लिम वोट मिलने की उम्मीद रही, लेकिन मुस्लिम वोटरों में बिखराव हुआ। मुस्लिम मतदाताओं के बसपा, सपा और रालोद में तीनों जगह जाने की चर्चाएं हैं।
वहीं हिन्दू मतों के सहारे भाजपा उम्मीदवार के समर्थक अपनी जीत पक्की मान कर चल रहे हैं। मगर भाजपाइयों को नेताओं की गुटबंदी और जाट को टिकट मिलने से नाराजग, वैश्य वर्ग में सपा की सेंधमारी परेशान कर रही है। मतदान प्रतिशत उम्मीद के हिसाब से नहीं होने की वजह भी भाजपाइयों को परेशान कर रही है। हालांकि भाजपा जीत पक्की मान कर चल रही है। ऐसे में मतदाताओं के मिजाज ने चुनाव में त्रिकोणीय समीकरण के हालात पैदा कर दिए हैं।