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Bijnor News: झाड़फूंक के साथ चढ़ता गया जहर, युवती की मौत

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स्योहारा के सहसपुर कस्बे के मोहल्ला अफगान में वह सांप जिसके काटने से हुई युवती की मौत। स्रोत ग्
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- सर्पदंश के बाद करीब दो घंटे झाड़फूंक और देशी दवाओं के गवां दिए
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- हालत बिगड़ी तो पहुंचे अस्पताल, नहीं बच सकी जान

- दो घंटे तक घर में ही छिपा रहा सांप, सपेरे ने किया सांप को पकड़ा

संवाद न्यूज एजेंसी
स्योहारा (बिजनौर)। सर्पदंश को लेकर लोगों का अंधविश्वास ही अपनों की जान का दुश्मन मन रहा है। ऐसा ही एक मामला सहसपुर के मोहल्ला अफगान में सामने आया। एक युवती समरीन को सांप ने डसा तो परिजन दो घंटे तक नीम-हकीमों के चक्कर काटते रहे। देशी दवा और झाड़फूंक में करीब दो घंटे गवां दिए। जब तक अस्पताल पहुंचे तो युवती की जान चली गई। उधर, दो घंटे तक सांप घर में ही छिपा रहा, जिसे एक सपेरे ने रेस्क्यू किया।
सोमवार की सुबह कस्बा सहसपुर के मोहल्ला अफगान में निवासी समरीन (18) पुत्री नसीम सोमवार को समरीन घर में उपलों की सफाई कर रही थी। तभी उपलों में बैठे एक जहरीली प्रजाति के सांप ने उसको डस लिया। परिजन सिमरन को एक नीम-हकीम के पास ले गए, जिसने बंद खुलवा दिए और कोई देशी दवाई बताकर उसे पिला दी।
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परिजन भी उसे घर ले आए। इसमें करीब दो घंटे लग गए। इसके बाद सिमरन की हालत फिर से बिगड़ी तो उसे उसी हकीम के पास ले गए। उसने हाथ खड़े कर स्पताल ले जाने की सलाह दे दी। करीब एक बजे परिजन उसे सीएचसी लेकर पहुंचे। जहां उसे एंटी वेनम इंजेक्शन दिया गया।
हालत बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। चिकित्सकों ने बताया कि यदि सर्पदंश के तुरंत बाद उसे एंटी वेनम दवा लग जाती तो उसकी जान बच सकती थी। वहीं, एक सपेरे ने रेस्क्यू करते हुए सांप को पकड़ लिया है।


सांप के काटने पर करें ये काम
- जहां सांप ने काटा हो, उससे आधा फीट ऊपर बंध लगाएं
- जहां सांप ने काटा है, वहां ब्लेड से तुरंत कट लगा दें
- सांप के काटने पर बिल्कुल न घबराएं
- इसके बाद तुरंत अस्पताल पहुंचे
- अस्पताल पहुंचकर एंटी स्नेक वेनम लगवाएं
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सर्पदंश के मरीजों को 48 घंटे निगरानी में रखते हैं
मेडिकल अस्पताल के चिकित्सक डॉ. आरएस वर्मा ने कहा कि अस्पताल में आने पर मरीज का तुरंत बंध खुलवाया जाता है। इसके बाद ब्लडप्रेशर की जांच करते हैं। ड्रीप में दो एंटी स्नेक वेनम की दो वॉयल डालते हैं। साथ ही सर्पदंश के मरीज को 48 घंटे चिकित्सक की निगरानी में रखते हैं। 24 घंटे में खून की जांच कराते हैं।
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मेडिकल अस्पताल में एंटी स्नेक वेनम की करीब 330 वॉयल उपलब्ध हैं। सर्पदंश के मरीज समय से अस्पताल पहुंचकर एंटी स्नेक वेनम लगवाएं। जिससे जान बच सकती है। झाड़-फूंक के चक्कर में न पड़ें। - डॉ. मनोज सेन, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, बिजनौर
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