- थाने में दोनों पक्षों में तीन घंटे चला मंथन, नहीं निकला हल
- सैनी, वाल्मीकि और विश्वकर्मा समाज ने धर्मशाला का नाम बदलने पर जताई थी आपत्ति
- धर्मशाला पर पुलिस बल तैनात, लगा है ताला
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। शहर के मोहल्ला जाटान में स्थित सर्वसमाज की धर्मशाला का नाम बदल दिए जाने को लेकर खड़ा हुआ विवाद अभी सुलझ नहीं पाया है। पुलिस और प्रशासन के साथ तीन घंटे तक चली सभी पक्षों की बैठक में कोई निर्णय नहीं हो पाया है। उधर, अनुसूचित जाति के लोगों ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया।
विवाद की आशंका को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने धर्मशाला पर ताला लगा दिया था। वहीं यथास्थिति और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए धर्मशाला पर पुलिस बल तैनात किया गया है। विवाद को लेकर शहर कोतवाली में सभी पक्षों की बैठक बुलाई। जिसमें एसडीएम विजय वर्धन तोमर, सीओ संग्राम सिंह और पालिका के अधिकारी भी मौजूद रहे। पुलिस प्रशासन ने सभी पक्षों से एक कमेटी बनाने और उसमें सभी वर्गों को शामिल करने का सुझाव दिया लेकिन सहमति नहीं बन सकी।
बता दें कि मोहल्ला जाटान की इस धर्मशाला का नाम अभिलेखों में प्रधान के नाम से दर्ज है। अब पालिका की ओर से मरम्मत कराने के बाद एक बोर्ड लगाया तो उसमें रविदास धर्मशाला लिख दिया गया।
नाम बदलने को लेकर खड़े हुए इस विवाद में सभी पक्ष अपना अपना दावा जता रहे हैं। उधर, इसी मामले को लेकर अनुसूचित जाति के लोगों ने धर्मशाला पर के मुख्य द्वार प्रशासन के ताला लगाने का विरोध करते हुए एक ज्ञापन सदर एसडीएम बिजनौर को दिया। मुख्य द्वार पर ताला लगाने से दलित समाज की आस्था को चोट देने का कार्य किया गया है, जिसे दलित समाज में आक्रोश की भावना व्याप्त है। इस मौके पर बहुजन पैंथर के जिला अध्यक्ष अरुण कुमार उर्फ रौनी, अध्यक्ष चंद्रहास सिंह, अतुल कुमार, चंद्रभान, पुष्पराज उर्फ कमल, मोहित कुमार, डॉक्टर यादराम आदि मौजूद रहे।
- सर्व समाज के हित में ही धर्मशाला की मरम्मत कराई गई है। अब अनावश्यक विवाद हो रहा है। पहले ही सभी समाज के लोग धर्मशाला का इस्तेमाल करते थे, और करते रहेंगे। सर्व समाज के लोगों को मिलकर एक कमेटी बना लेनी चाहिए। - इंदिरा सिंह, पालिका चेयरपर्सन
थाने में दोनों पक्षों के लोगों को बुलाया गया था। करीब तीन घंटे तक वार्ता चली, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका। कुछ समय पहले धर्मशाला की मरम्मत कराई गई थी। इसके बाद नगर पालिका द्वारा पत्थर पर नाम बदल दिया गया, जिस कारण यह विवाद खड़ा हुआ है। मामले को सुझाने का प्रयास चल रहा है। - विजय वर्धन तोमर, एसडीएम सदर, बिजनौर