- दो साल बाद भी अधर में लटका है बेघर के आशियाने का सपना
- बेघर परिवार को ग्राम प्रधान ने अपने खेत में दान दी थी सौ गज जमीन
- उक्त जमीन को बंजर बताते हुए कर दी थी शिकायत
- एक ही लेखपाल ने दी अलग अलग रिपोर्ट
अचल चौधरी
बिजनौर। बेघर परिवार को दान में सौ गज जमीन का टुकड़ा और आवास योजना का लाभ भी मिला लेकिन दो साल बाद भी आशियाने का सपना पूरा नहीं हो पाया है। लेखपाल की जरीब कभी जमीन को इधर बता देती है तो कभी उधर। जरीब की कड़ियों में गरीब परिवार उलझ रह गया है। दरअसल एक ही लेखपाल की अलग अलग रिपोर्ट में जमीन भी एक जगह नहीं टिक सकी। मामले की शिकायत डीएम से की गई है।
नजीबाबाद तहसील के गांव शाहजहांपुर रोशन उर्फ गडीकपुरा के ग्राम प्रधान शहजाद अनवर समेत अन्य ग्रामीणों ने डीएम से शिकायत की है। ग्राम प्रधान ने बताया कि गांव में घर नहीं होने की वजह से शमीम को अपनी जमीन में सौ गज जमीन दान दी थी। इसके बाद शमीम को आवास योजना का लाभ दिलाते हुए उक्त जमीन में मकान का निर्माण शुरू कराया। साल 2021 से मकान का निर्माण अधर में है। आरोप है कि एक शिकायत के आधार पर उक्त निर्माण को बंजर की जमीन में दर्शा दिया गया था। मामले की जांच करते हुए तत्कालीन लेखपाल ने पैमाइश करते हुए उक्त मकान निर्माण को बंजर में नहीं होना पाया। अब दो साल के बाद चार सदस्यीय टीम ने जांच की तो निर्माण को बंजर जमीन पर नहीं पाया गया।
आरोप है कि चार सदस्यीय टीम के रिपोर्ट की जांच जिस पत्रांक पर दर्ज की गई थी, उसी पत्रांक पर एक और नई रिपोर्ट शामिल कर ली गई, जिसमें निर्माण को बंजर पर दर्शा दिया गया। उक्त दोनों ही रिपोर्ट पर एक ही लेखपाल के हस्ताक्षर हैं। इतना ही नहीं नक्शों में भी इस तरह से बदलाव किया गया। मामले में कार्रवाई करने की गुहार लगाई है। जिससे मकान का निर्माण पूरा हो सके।