ग्राम पंचायत सचिवालय पर नहीं बैठते पंचायत सचिव
नजीबाबाद। ब्लॉक प्रमुख तपराज सिंह ने ग्राम पंचायतों में पंचायत सचिवालय स्थापना के सरकार के उद्देश्यों को साकार बनाने के लिए डीएम को पत्र लिखा है। पत्र में कहा गया है कि रोस्टर के बावजूद पंचायत सचिव ग्राम पंचायतों में स्थित सचिवालय नहीं पहुंचते, जिससे ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्राम पंचायत सचिवों और पंचायत सहायकों की उदासीनता से शासन द्वारा ग्राम पंचायतों में बनाए गए पंचायत सचिवालय शोपीस बनकर रह गए हैं। ब्लॉक प्रमुख तपराज सिंह ने इस आशय का पत्र डीएम उमेश मिश्रा को भेजा है। ब्लॉक प्रमुख कहना हैं कि पंचायत सचिवों का एक सप्ताह में एक बार चार घंटे पंचायत सचिवालय में बैठकर ग्रामीणों की समस्याओं का निस्तारण करने का रोस्टर निर्धारित है, लेकिन पंचायत सचिव और पंचायत सहायक सचिवालय पर नहीं मिलते। संपर्क करने पर पंचायत सचिव मुख्यालय पर मीटिंग होने की जानकारी देते हैं।
ब्लॉक प्रमुख का आरोप है कि जिले में बैठक के नाम पर पंचायत सचिव शासन की नीतियों का उल्लंघन कर रहे हैं, जिससे ग्रामीण विकास और ग्रामीणों की समस्याओं का निराकरण नहीं हो पा रहा। ग्रामवासियों की ऑनलाइन कार्य के लिए तैनात 95 प्रतिशत पंचायत सहायकों द्वारा ग्राम पंचायतों पर कार्य शुरू न करने की भी डीएम को सूचना दी गई। ब्लॉक प्रमुख ने शासन की योजनाओं और नीतियों से संबंधित जानकारी ग्रामीणों को सचिवालय स्तर पर न मिलने पर चिंता व्यक्त की।
ब्लॉक प्रमुख तपराज सिंह ने जनहित में चलाई जा रहीं शासन की विकास योजनाओं के संबंध में ग्रामीणों को जानकारी देने के लिए ब्लॉक मुख्यालय और पंचायत स्तर पर प्रचार-प्रसार न होने से दलालों के सक्रिय होने पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि योजनाओं की जानकारी के नाम पर दलालों द्वारा ग्रामीणों का आर्थिक शोषण किया जा रहा है। ब्लॉक प्रमुख ने पंचायत सचिवों के मूवमेंट संबंधी पंजिका कार्यालय में रखने की भी मांग उठाई है।