भले ही आईजीआरएस पर शिकायतों के निस्तारण को लेकर शासन बेहद गंभीर है, लेकिन धरातल पर स्थिति उलट है। जी हां, पैजनियां चौकी पुलिस ने एक शिकायत पर झूठी आख्या लगाकर निस्तारण कर डाला। अब चौकी प्रभारी जांच में फंस गए हैं। दरअसल एक निराश्रित गाय को लेकर शिकायत की गई थी, जिसे पुलिस ने कागजों में गोशाला भेज दिया। वहीं उक्त गाय गांव में ही एक ग्रामीण के घर बांध दिया गया था।
मंगलवार को पैजनिया के रहने वाले पवनिश त्यागी, देवेंद्र त्यागी, अमित त्यागी, संजीव कुमार, जगवीर सिंह, दीपक कुमार, विकास आदि ने एएसपी सिटी को शिकायती पत्र दिया। इसमें कहा गया कि गांव में एक निराश्रित गाय और एक बछड़ा गांव में घूम रहे थे। इस संबंध में आईजीआरएस पोर्टल पर शिकातय की थी।
इस शिकायत का 29 जुलाई को निस्तारण कर दिया गया, जिसमें झूठी आख्या देते हुए दिखाया गया कि उक्त गाय और बछड़े को शिवाला कला की गोशाला भेज दिया गया, जबकि उक्त गाय को एक ग्रामीण के घेर में बांध दिया था। वहीं गाय के कान में लगे टैग के अनुसार पैजनिया चौकी इंचार्ज ने हवाला दिया कि टैग के अनुसार उसके स्वामी की जानकारी नहीं हो सकी। इस मामले में एसपी नीरज कुमार जादौन ने सोमवार को ही जांच बैठा दी थी। सीओ सिटी को पूरे मामले की जांच दी गई है।
उधर, मंगलवार को एएसपी सिटी को फिर से शिकायत की गई, जिसमें कहा गया कि झूठी आख्या देने और गाय को कागजों में ही गोशाला भिजवाने के मामले में जांच बैठ जाने के बाद पैजनिया पुलिस चौकी की एक और करतूत सामने आई। आरोप लगाया कि जांच बैठ जाने के बाद पुलिस कर्मियों ने गांव में बंधी उक्त निराश्रित गाय के टैग को ही तोड़ दिया है।
आईजीआरएस के निस्तारण को लेकर बेहद गंभीरता बरती जा रही है। ऐसे में शिकायत के निस्तारण में झूठी आख्या का मामला सामने आया है। इसमें जांच बैठा दी गई है। जांच के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।
-नीरज कुमार जादौन, एसपी