धान की फसल में लगा रोग, फसल बर्बाद
नजीबाबाद/बड़िया। धान की फसल में और रोग लगने से दो दर्जन से अधिक किसानों की धान की फसल बर्बाद हो गई है। किसानों ने एसडीएम से प्रभावित फसल का पुन: सर्वे कराने और प्रभावित किसानों को क्षतिपूर्ति दिलाने की मांग की है।
तहसील के गांव बीरूवाला, मथुरापुरमोर, बड़िया, गुलालवाली, जट्टीवाला, कंडरावाली, लालवाला क्षेत्र में बड़े पैमाने पर धान की फसल रोग प्रभावित है। किसान शीशा सिंह, जसविंदर सिंह, नरेंद्र सिंह, मनप्रीत सिंह, सरदूल सिंह, गुरप्रीत सिंह, बूटा सिंह, हरि सिंह आदि का कहना है कि धान की नरेंद्रा 559, पीआर 121, पीआर 113 और बासमती 17 व 18 प्रजाति लगाई थी। कुछ ही समय बाद धान की फसल में रोग लग गया, जिससे फसल की बढ़वार भी रुक गई। धान की फसल काली पड़कर नीचे बैठना शुरू हो गई। किसानों ने ब्लॉक और प्राइवेट बीज भंडार केंद्रों से धान का बीज खरीदने का दावा करते हुए अधिकांश फसल बर्बाद होने की जानकारी दी। प्रभावित धान किसानों का कहना है कि प्रशासन द्वारा बर्बाद फसल के संबंध में कराया गया सर्वे गंभीरता से नहीं किया गया। किसानों ने धान बुवाई की लाखों रुपए की लागत बर्बाद होने का दावा करते हुए प्रशासन से प्रभावित फसल की क्षतिपूर्ति दिलाने की मांग की है। किसानों ने एसडीएम विजय वर्धन तोमर को धान की फसल बर्बाद होने के संबंध में ज्ञापन सौंपा।
जिन किसानों ने पंजाब से लाई गई धान प्रजातियां उगाई हैं। उनमें रोग लगा है और फसल खराब हुई है। धान की अन्य सामान्य प्रजातियों में रोग नहीं लगा।
- श्याम सिंह, एडीओ कृषि, नजीबाबाद।