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करंट से हुई मजूदर की मौत पर नौ लाख 26 हजार का मुआवजा विद्युत विभाग को देने का आदेश

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बिजनौर। सिविल जज सीनियर डिविजन शिवानंद गुप्ता ने बिजली की चपेट में आने से हुई मजदूर शशि की मौत के मामले में विद्युत विभाग को जिम्मेदार माना है। जिसके चलते अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड नजीबाबाद को मृतक की पत्नी, दो बच्चों व पिता को 9.26 लाख रुपये मुआवजा छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ दो माह में देने का आदेश दिया है।
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थाना नजीबाबाद के मोहल्ला वाहिदनगर निवासी मृतक की पत्नी रेखा व उसके दो बच्चों आर्यन (2 वर्ष), हैप्पी(7 माह) व मृतक के पिता श्रीराम द्वारा दाखिल वाद में कहा गया था कि शशि नजीबाबाद में रहकर मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहा था। शशि आठ जून 2017 को दिन में करीब साढ़े 11 बजे पशुओं का चारा लेने बुंदकी रोड बड़ी नहर के किनारे गया था। तभी खेत के ऊपर से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की लाइन का तार टूटकर शशि पर गिर गया। इससे शशि की मौके पर ही मौत हो गई।
शशि के पिता श्रीराम ने इसकी सूचना थाना नजीबाबाद में दी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक की मौत शरीर में विद्युत करंट प्रवाहित होने के कारण पाई गई। वाद में यह भी कहा गया कि विद्युत विभाग द्वारा अपने कर्तव्य निर्माण में लापरवाही बरती गई। 11 हजार वोल्ट की विद्युत लाइन क्षतिग्रस्त होने की जानकारी विद्युत हो जाती है। विद्युत का लाइन का तार टूटने के बाद भी विद्युत लाइन बंद नहीं की गई। जिसके कारण शशि की मौत हुई। शशि की मौत के लिए विद्युत के अधिकारी व कर्मचारी जिम्मेदार हैं।
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शशि की मौत पर 40.20 लाख रुपये मुआवजे की मांग की गई थी। इस मामले में विद्युत विभाग की ओर से कहा गया कि विद्युत विभाग की लापरवाही से मौत नहीं हुई है। दुघर्टना के समय सभी लाइनें ठीक थीं। कोर्ट ने उपलब्ध साक्ष्यों पर पाया कि शशि की मौत विद्युत विभाग की लापरवाही से हुई है। मृतक वैवाहिक व्यक्ति था। उसके दो छोटे बच्चें व पिता हैं। कोर्ट ने 9,26, 800 रुपये क्षतिपूर्ति राशि छह प्रतिशत ब्याज के साथ वाद दायर करने की तिथि से दिए जाने का आदेश दिया है।
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