सात लोगों पर रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश
बिजनौर। सीजेएम शारिब अली ने दुकान के विवाद को लेकर हुई नफीस की मौत के मामले में सात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना करने के आदेश दिए हैं।
बिजनौर के मोहल्ला नई बस्ती के नदीम अहमद ने सीजेएम कोर्ट में दिए प्रार्थना पत्र में कहा था कि उसके पिता नफीस अहमद उर्फ भोले की जनरल मर्चेंट की दुकान आशु मित्तल की दुकानों में वर्ष 1974 से भोला जनरल स्टोर के नाम से है। कुछ दिन पूर्व आशु मित्तल ने उक्त दुकान और अपनी संपत्ति असलम आदि को बेच दी है। इसके बाद से असलम, अवनीश कुमार और सिद्धार्थ उसके पिता नफीस को जबरदस्ती दुकान खाली करने की धमकी और दुकान का सामान बाहर फेंकने को कह रहे थे। जिसके कारण वह बहुत मानसिक तनाव थे। उन्होंने इस संबंध में एक दीवानी का मुकदमा भी दायर किया था, जिसमें अदालत ने स्टे कर दिया था।
जब वह स्टे उन्होंने चौकी इंचार्ज को दिया तो वहां मौजूद लवी खन्ना ने गालियां दीं। नफीस अहमद दुकान की रखवाली के लिए रात को भी दुकान में ही रहते थे। एक नवंबर की सुबह सात बजे असलम, दिलशाद, अवनीश कुमार, सिद्धार्थ, रूही, शिल्पी और लवी खन्ना दुकान पर आए और नफीस अहमद को बुलाकर बराबर वाली गली में ले गए। वहां तमंचे दिखाकर कहा कि स्टे ऑर्डर को हम नहीं मानते। जान से मारने की धमकी देते हुए लात घुसों से पीटना शुरू कर दिया। जान बचाकर नफीस घर की ओर भागा, कुछ दूर जाकर उसने दम तोड़ दिया। आरोप लगाया गया कि इन आरोपियों ने उसके पिता की हत्या की है। पुलिस ने पोस्टमार्टम तो कराया, लेकिन रिपोर्ट नहीं लिखी। अब कोर्ट ने तथ्यों को देखते हुए पुलिस ने विवेचना कराने के आदेश दिए हैं।