- जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने सुनाया निर्णय
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग बिजनौर ने स्वास्थ्य बीमा दावा का भुगतान नहीं करने के मामले में भारतीय जीवन बीमा निगम को 78 हजार रुपये का भुगतान पॉलिसी धारक को करने का आदेश दिया है। साथ ही फोरम ने सात प्रतिशत ब्याज 13 फरवरी 2019 से भुगतान की तिथि देना होगा। आठ हजार रुपये मानसिक क्षतिपूर्ति के रूप में और पांच हजार रुपये वाद व्यय के रूप में भी देने होंगे।
नगीना के माेहल्ला लाल सराय निवासी इंद्रकुमार ने जीवन बीमा निगम के खिलाफ दायर याचिका में कहा था कि उसने भारतीय जीवन बीमा निगम की नजीबाबाद शाखा से स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी ले रखी है। पॉलिसी जारी करने के समय वह बीमार नहीं था। नौ वर्षो से वह लगातार बीमा पॉलिसी का भुगतान करता रहा है। 2016 में उसके सीने में अचानक दर्द हुआ। एम्स अस्पताल ऋषिकेश में उसकी एंजोग्राफी हुई और उपचार चला। अगस्त 2017 में उन्हें सीने में दर्द होने पर फोर्टिज अस्पताल गुरुग्राम में एंजियोग्राफी की गई।
जिसमें दो लाख 68 हजार रुपये का खर्च आया। उसने बीमे का दावा लेने के कागज पांच सितंबर 2017 को बीमा कंपनी को भेज दिए। उसे कई बुलाया गया, लेकिन भुगतान नहीं किया गया। 17 सितंबर 2018 को दो लाख रुपये 68 हजार रुपये की जगह मात्र 1350 रुपये भेजे गए। उसने फोरम से मांग की थी कि उसे अपने इलाज में खर्च किए गए दो लाख 68 हजार रुपये भारतीय जीवन बीमा निगम से दिलाए जाएं। आयोग की अध्यक्ष दीपा जैन व सदस्य मनोज कुमार पंडित, डॉ. मनिला की ओर से दोनों पक्षों को सुनने और दाखिल कागजात के आधार पर निर्णय दिया है कि वादी इंद्रकुमार का दावा आंशिक रूप से डिग्री किए जाने योग्य है। वह 78 हजार रुपये पाने का अधिकारी है।