बिजनौर। गन्ना विभाग ने नए पेराई सत्र के लिए किसानों के हितों का समावेश करते हुए गन्ना सट्टा एवं आपूर्ति नीति जारी की है। इस नीति में उपज बढ़ोत्तरी वाले किसान जिन्होंने उपज बढ़ोत्तरी को आवेदन की स्लिप कटवा रखी है उन्हें लाभ मिलेगा। जबकि किसान नेता इसे सभी किसानों के लिए लागू करने की मांग कर रहे हैं।
पेराई सत्र 2022-23 के लिए गन्ना एवं चीनी आयुक्त संजय आर भूसरेड्डी ने गन्ने के सट्टे एवं आपूर्ति नीति जारी कर दी है। जिला गन्ना अधिकारी पीएन सिंह ने बताया कि जारी नीति में प्रति किसान सीमांत किसान (एक हेक्टेयर तक) के लिए अधिकतम 850 क्विंटल, लघु किसान ( दो हेक्टेयर तक) के लिए 1,700 क्विंटल तथा सामान्य किसान ( पांच हेक्टेयर तक) के लिये 4,250 क्विंटल थी। अब उपज बढ़ोत्तरी की दशा में सट्टे की अधिकतम सीमा सीमांत, लघु एवं सामान्य किसान के लिए क्रमश: 1350 क्विंटल, 2,700 क्विंटल तथा 6,750 क्विंटल निर्धारित किया। इस का लाभ उन्हीं किसानों को मिलेगा, जिन्होंने उपज बढ़ोत्तरी का आवेदन कर रखा है। कुछ किसानों के यहां उपज अच्छी होती है, लेकिन सट्टा, पर्ची कम होती है, तो ऐसे किसान आवेदन कर नई नीति का लाभ उठा पाएंगे।
सभी किसानों को मिले लाभ
भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष चौधरी राजेंद्र सिंह ने कहा कि जारी नीति सही है, लेकिन यह सभी किसानों के लिए होती, तो ज्यादा अच्छा रहता है।
भाकियू अराजनैतिक के युवा प्रदेशाध्यक्ष दिगंबर सिंह ने कहा सभी किसान मेहनत कर अधिक उत्पादन प्राप्त कर परिवार का पालन कर रहे हैं। इसलिए यह संपूर्ण किसान हित में नीति बनानी चाहिए।