सहारनपुर। जिला अस्पताल में फर्जी मेडिकल बनाए जाने का मामले में पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह आरोपी उस महिला का भाई है, जिसने हाथों पर तेजाब की बूंदे डलवाकर फर्जी मेडिकल बनवाया था।
इस मामले में जिला अस्पताल के एक डाक्टर व अधिवक्ता सहित चार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी।एसपी सिटी अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि तीन जनवरी को थाना जनकपुरी क्षेत्र के गांव सड़क दूधली निवासी फरियाल उनके कार्यालय में तहरीर लेकर आई थी, जिसने ससुरालियों व पति पर उसके ऊपर तेजाब डालने का आरोप लगाया था। महिला के हाथ मामूली रूप से झुलसे हुए थे। इसके बाद पुलिस ने महिला को एसबीडी जिला अस्पताल में मेडिकल के लिए भेजा था। यहां डॉ. बीडी शर्मा ने महिला का मेडिकल बनाया, जिसमें महिला के हाथ तेजाब से झुलसने की रिपोर्ट लगाई गई। इसके बाद रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी थी।
इसी बीच पुलिस के हाथ एक मोबाइल फोन की ऑडियो रिकार्डिंग लग गई, जिसमें कोतवाली रामपुर मनिहारान के गांव चकवाली निवासी फरजंद और डॉ. बीडी शर्मा आपस में मेडिकल को लेकर बातचीत कर रहे हैं। इसके बाद पुलिस ने फरजंद को गिरफ्तार कर लिया। फरजंद ने पूछताछ में पुलिस को बताया था कि वह डॉ. बीडी शर्मा से फर्जी मेडिकल बनवाता है। आरोपी ने स्वीकार किया था कि महिला के हाथों पर तेजाब की बूंदें खुद ही डाली गई थीं। इस मामले में उसके पति व ससुरालियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
इस षड्यंत्र में गांव घान्नाखंडी निवासी एक अधिवक्ता और उसका मुंशी भी शामिल रहा। इसके बाद पुलिस ने फरजंद, डाक्टर, अधिवक्ता, उसके मुंशी के खिलाफ फर्जी मेडिकल कराने की रिपोर्ट दर्ज की थी। इस मामले में बृहस्पतिवार को पुलिस ने सड़क दूधली निवासी मुराद हुसैन को गिरफ्तार किया है, जो फरियाल के ताऊ का लड़का है। एसपी सिटी का कहना है कि फर्जी मेडिकल कराने में मुराद हुसैन भी शामिल रहा है। यही फरियाल को गाड़ी में बैठाकर अस्पताल ले गया था।
चिकित्सक, अधिवक्ता और मुंशी की गिरफ्तारी से बच रही पुलिस
इस मामले में चिकित्सक, अधिवक्ता और उसका मुंशी भी नामजद है, लेकिन पुलिस ने अभी तक उन्हें गिरफ्तार नहीं किया है। पुलिस को इनके खिलाफ साक्ष्य भी मिले थे। एसपी सिटी अभिमन्यु मांगलिक का कहना है कि जांच चल रही है। सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।