बिजनौर। कहने को तो अधिकारी यातायात व्यवस्था सुदृढ़ होने का दावा कर रहे हैं। मगर शास्त्री चौक पर लगने वाले जाम की लगातार अनदेखी की जा रही है। लाखों रुपये की लागत से लगी सिग्नल लाइट सालों से बंद पड़ी है। चौराहे पर जाम लगने से राहगीरों को परेशानी होती है। इतना ही नहीं अधिकारी भी इसी चौराहे से होकर गुजरते हैं। लेकिन किसी की नजर यहां की सिग्नल लाइट पर नहीं पड़ती।
शहर में शास्त्री चौक एक मात्र हाईटेक चौराहा है। मगर लाखों रुपये की लागत से लगी सिग्नल लाइट सालों से बंद पड़ी है। करीब एक दशक पहले चौराहे को सिग्नल लाइट लगाकर हाईटेक किया गया था। जिससे चौराहे पर जाम नहीं लगे। मगर अब सिग्नल लाइट बंद होने से समस्या जस की तस बनी हुई है। ट्रैफिक पुलिसकर्मी हाथों के इशारे से वाहनों को चौराहे पर रोकते हैं। इसके बावजूद राहगीरों को जाम से परेशानी हो रही है। सिविल लाइन, जजी चौराहा, नजीबाबाद रोड, कोतवाली शहर रोड की तरफ से आने वाले वाहन शास्त्री चौक पर रुकते हैं। इसके बाद यहां जाम लग जाता है। वाहन रेंगते हुए आगे बढ़ते हैं।
वर्जन : नगरपालिका के क्षेत्र में आती है सिग्नल लाइट : बलराम यादव
यातायात उपनिरीक्षक बलराम यादव ने बताया कि सिग्नल लाइट नगरपालिका के क्षेत्र में आती है। जिनका रखरखाव पालिका की ही जिम्मेदारी है। सिग्नल लाइट खराब होने को लेकर पालिका को अवगत करा दिया गया था।
वर्जन : सिग्नल लाइट खराब होने का मामला संज्ञान में नहीं : विकास कुमार
बिजनौर नगरपालिका के ईओ विकास कुमार का कहना है कि ट्रैफिक सिग्नल लाइट के खराब होने का मामला संज्ञान नहीं है। जल्द ही पुलिस प्रशासन से बात कर सिग्नल लाइटों के बारे में कार्रवाई की जाएगी।