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गन्ना भुगतान न करने पर आठ शुगर मिलों को नोटिस

Fri, 22 Jun 2018 11:51 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/ बिजनौर
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बिजनौर में गन्ना भुगतान के लिए प्रशासन ने मिलों के खिलाफ सख्त रवैया अपनाना शुरू कर दिया है। भुगतान न करने पर जिले की आठ शुगर मिलों को नोटिस जारी किए गए हैं। इन मिलों को तत्काल गन्ना भुगतान के लिए कहा गया है। ऐसा न करने पर इन मिलों के खिलाफ प्रशासन कार्रवाई करेगा। गन्ना जिले के किसानों की मुख्य फसल है। इस बार जिले में रिकॉर्ड गन्ना पेराई हुई है। किसानों ने मिलों को करीब दस करोड़ क्विंटल गन्ना बेचा है। इस गन्ने की कीमत करीब 3440 करोड़ रुपये है। नियम के अनुसार मिल को गन्ना देने के 14 दिन के बाद भुगतान मिलना चाहिए। ऐसा न होने पर किसानों को ब्याज सहित गन्ना भुगतान मिलेगा। जिले में नौ शुगर मिल हैं, इनमें से आठ शुगर मिल निजी और एक शुगर मिल नजीबाबाद सहकारिता क्षेत्र की है। निजी क्षेत्र की शुगर मिल गन्ना भुगतान में तेजी नहीं ला रही हैं। जबकि नजीबाबाद शुगर मिल ने 91 प्रतिशत गन्ना भुगतान कर दिया है। लेकिन बाकी शुगर मिलों ने 74 प्रतिशत ही गन्ना भुगतान किया है। इन शुगर मिलों पर करीब 840 करोड़ रुपये बकाया है। किसान संगठन गन्ना भुगतान न होने पर आंदोलन की चेतावनी दे चुके हैं। इसे देखते हुए गन्ना भुगतान कराने को जिला प्रशासन ने भी सख्ती दिखानी शुरू की है। डीएम ने धामपुर, स्योहारा, बिजनौर, चांदपुर, बहादरपुर, बरकातपुर, बुंदकी, बिलाई मिल को नोटिस जारी किए हैं। जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह ने शुगर मिलों को नोटिस जारी होने की पुष्टि की है। उनके अनुसार जल्द भुगतान न होने पर शुगर मिलों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मिल बकाया भुगतान भुगतान प्रतिशत धामपुर 184.57 करोड़ 74.28 स्योहारा 150.65 करोड़ 76.47 बिलाई 165.39 करोड़ 60.12 बहारदपुर 63.20 करोड़ 82.53 बरकातपुर 105.15 करोड़ 73.53 बुंदकी 73.61 करोड़ 80.47 चांदपुर 56.88 करोड़ 72.52 बिजनौर 40.45 करोड़ 68.45 योग 839.90 करोड़ 73.54 सभी मिलों का चीनी बिक्री का कोटा भी किया गया निर्धारित बीते महीने कुछ महीनों से चीनी के दाम धड़ाम हो गए थे। चीनी के दाम करीब 2400 रुपये प्रति क्विंटल तक गिर गए थे। इसे देखते हुए केंद्र सरकार ने चीनी मिलों के लिए नई नीति बनाई है। चीनी के न्यूनतम दाम 29 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित कर दिए गए हैं। इसके अलावा शुगर मिलों का हर महीने का कोटा निर्धारित किया जाएगा। शुगर मिल इससे अधिक चीनी नहीं बेच सकेंगी। जिले की सभी शुगर मिलों की चीनी बिक्री का कोटा भी निर्धारित कर दिया गया है। शुगर मिल चीनी कोटा बिक्री कोटा धामपुर 89443 8725 स्योहारा 117032 11767 बिजनौर 26581 2310.40 चांदपुर 34896 4497.5 नजीबाबाद 59953 5511.3 बहादरपुर 54200 9251.1 बरकातपुर 87828 7875.1 बुंदकी 77356 8016.7 बिलाई 62102 5855 योग 609391 63810 नोट : उक्त आंकड़े गन्ना विभाग से लिए गए हैं, चीनी की मात्रा टन में है। वेब इंडस्ट्रीज ने प्रशासन से मांगी मदद बिजनौर। वेब इंडस्ट्रीज के अधिकारियों ने ग्रुप की बिजनौर और चांदपुर चीनी मिल का गन्ना भुगतान करने के लिए प्रशासन से मदद मांगी है। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से उत्तर प्रदेश कोऑपरेटिव बैंक से ऋण दिलाने की मांग की है। ऋण की राशि से ही चीनी मिलों की मरम्मत कराई जा सकती है। साथ ही अगले पेराई सत्र में मिलों के संचालन का रास्ता साफ हो जाएगा। बिजनौर और चांदपुर शुगर मिल सहकारिता क्षेत्र की थीं। वर्ष 2009-10 में बसपा सरकार में पौंटी चड्ढा को कौड़ियों के दाम बेची गई थीं। प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद इस बिक्री प्रक्रिया की सीबीआई जांच कराई जा रही है। इस मामले में बृहस्पतिवार को इंडस्ट्रीज के अधिकारियों ने डीएम को पत्र देकर मिल संचालन से हाथ खड़े कर दिए थे। अधिकारियों का कहना था कि मिल चलाने के लिए बैंक ने चीनी गिरवी रखकर ऋण देने से इंकार कर दिया है। इससे किसानों का भुगतान नहीं हो पा रहा। इस मामले में मिल अधिकारियों ने अफसरों से मिलकर कहा है कि गन्ना भुगतान करने के लिए मिलों को बैंक से ऋण लेना आवश्यक है। बिजनौर शुगर मिल पर 40 करोड़ और चांदपुर शुगर मिल पर 56 करोड़ रुपये गन्ना बकाया है। अगर शुगर मिलों को बैंकों से ऋण मिल जाएगा तो मिल भुगतान कर देंगी। इसके अलावा मिलों में मरम्मत कार्य भी शुरू हो जाएगा। बिजनौर शुगर मिल के प्रशासनिक अधिकारी एके सिंह ने बैंक से ऋण मांगे जाने की पुष्टि की है। उनके अनुसार ऋण मिलते ही किसानों का भुगतान किया जाएगा।
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