बिजनौर। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बुधवार को कोतवाली ब्लॉक के 39 स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्रों का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण में कोई भी केंद्र कमियों से अछूता नहीं रहा। टीम के अनुसार सभी केंद्रों पर स्क्रीनिंग का डाटा अपडेट नहीं मिला। साथ ही रिकॉर्ड का रखरखाव भी सही नहीं मिला।
स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्र ग्रामीण स्तर पर लोगों को बेहतर इलाज के लिए खोले जा रहे हैं। कोतवाली ब्लॉक के केंद्रों पर स्वास्थ्य सेवाएं परखने के लिए बुधवार को सीएमओ कार्यालय से 12 टीमों ने आकस्मिक निरीक्षण किया। एसीएमओ डॉ. सुशील कुमार ने बताया कि इस दौरान सभी केंद्रों पर डायबिटीज, बीपी, टीबी सहित अन्य बीमारियों की स्क्रीनिंग का डाटा अपडेट नहीं मिला। साथ ही दवाई, मरीजों की संख्या का रिकॉर्ड भी सही नहीं पाया गया। साथ ही कुछ जगह साफ-सफाई नहीं मिली।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि बुधवार के दिन बच्चों और गर्भवती महिलाओं को टीकाकरण किया जाता है। साथ ही गर्भवती महिलाओं की जांच की जाती है। इसलिए टीम ने जांच कर कमियां सुधारने के निर्देश दिए। टीम ने कोतवाली ब्लॉक के नंदपुर, शादीपुर, बेनीपुर, अनूपनगर, हाजीपुर, महेश्वरी जट, नहटौर ब्लॉक के पालीजट सहित 39 स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्रों का निरीक्षण किया। निरीक्षण में डीपीएम फारुख अजीज, डीसीपीएम पूनम रानी, डॉ. हितेंद्र वर्मा, शमीम, डॉ. दीपा आदि मौजूद रहे।
- वर्जन : स्वस्थ्य एवं कल्याण केंद्रों पर बेहतर इलाज किया जा रहा है। मगर कुछ केंद्रों पर सीएचओ लापरवाही बरत रहे हैं। इसी वजह से बुधवार को टीमों ने कोतवाली ब्लॉक में केंद्रों का निरीक्षण किया। साथ ही रिकॉर्ड का सही रखरखाव करने के निर्देश दिए। - डॉ. सुशील कुमार, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी, बिजनौर