बिजनौर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कलेवर सिंह ने फिरौती के लिए हुए नवनीत इंदर के अपहरण में नौ लोगों को दोषी पाया है। दोष सिद्ध होने के दौरान कोर्ट में उपस्थित न होने पर तीन के गिरफ्तारी वारंट जारी किए। साथ ही उनकी संपत्ति की कुर्की करने एवं जमानतियों को नोटिस देने के आदेश दिए हैं।
थाना बढ़ापुर के गांव नूरपुर अरब निवासी रविंद्र सिंह ने पांच नवंबर 2023 को थाना बढ़ापुर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके जंगल में बने मकान में कुछ व्यक्ति घुस आए। मकान की बाउंड्री में खड़ी जिप्सी, उसके बेटे नवनीत इंदर को जबरदस्ती ले गए। रिपोर्ट में कहा गया था कि उसके बेटे की जान को खतरा है। 11 नवंबर को रविंद्र सिंह ने थाने को प्रार्थना पत्र देकर सूचित किया कि उसके मोबाइल पर कामिल का फोन आया। उसने कहा कि उसका बेटा नवनीत इंदर उनके पास है। 25 लाख रुपये लेकर मेरे बताए स्थान पर आ जाओ।
हमारा बहुत बड़ा गैंग है, अगर नहीं आए तो अपने लड़के को जिंदा नहीं पाओगे। पुलिस ने जाल बिछाकर इस मामले में रविंद्र को फिरौती के पैसे लेकर भेजा था और नवनीत को छुड़ाया था। उसके अपहरणकर्ताओं को भी गिरफ्तार किया था। पुलिस ने इस मामले में कामिल, मेहरबान, सारिक, सरफराज, इरफान, शहजाद, परवेज, सद्दाम, नवाब, इरशाद के विरुद्ध कोर्ट में चार्जसीट दाखिल की थी।
अभियोजनकर्मा आनंद जिंघाला के अनुसार इरफान की मुकदमे के दौरान मौत हो गई। बाकी नौ अभियुक्तों कामिल, मेहरबान, सारिक, सरफराज, शहजाद, परवेज, सद्दाम, नवाब, इरशाद को फिरौती के लिए अपहरण का कोर्ट ने दोषी माना है। वहीं सजा निर्धारण के लिए 12 अगस्त की तिथि लगाई है। न्यायालय परिसर में मौजूद होने के बाद भी आज दोष सिद्ध के दौरान कोर्ट में मौजूद न होने वाले सरफराज, शहजाद, सद्दाम के विरुद्ध वारंट जारी करते हुए उनके जमानतियों को नोटिस दिए जाने और उनके घर की कुर्की करने का आदेश दिया है। पुलिस अधीक्षक एवं थाना अध्यक्ष बढ़ापुर को निर्देशित किया गया है कि वह इन तीनों फरार अभियुक्तों को गिरफ्तार कर कोर्ट में 12 अगस्त को पेश करें।