बिजनौर। प्रशासन ने प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के लक्ष्य प्राप्ति में शिथिलता बरतने वाले कर्मचारियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। डीएम उमेश मिश्रा के निर्देश पर ड्यूटी में कोताही बरतने वाले तीन कर्मचारियों की सेवा समाप्त कर दी गई है। डीएम ने एडीएम प्रशासन को अनियमितता सामने आने पर संबंधित कर्मचारी के खिलाफ थाने में मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।
शहरी क्षेत्र के बेघर लोगों को आवास उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी संचालित हैं। योजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी डूडा की है। योजना में लाभ पाने के लिए नगरपालिका व नगर पंचायत में आवेदन किया जाता है। शासन से आवास पाने के लिए पात्रता की शर्त तय है। परियोजना अधिकारी डूडा शक्ति श्रीवास्तव के अनुसार पात्र लाभार्थियों के चयन के लिए जिला स्तर पर समिति गठित है। समिति में तहसील, नगरपालिका, नगरपंचायत तथा शासन से नामित कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधि होते हैं।
आरोप है कि कार्यदायी संस्था के तीन कर्मचारियों देवेंद्र कुमार, सेंटी कुमार तथा विनीत कुमार की विभागीय बैठकों से नदारद रहने, काम में शिथिलता, निर्देशों में लापरवाही बरतने की शिकायत मिल रही थी। मामला डीएम तक पहुंचा। जिस पर डीएम उमेश मिश्रा ने कड़ी कार्रवाई करते हुए तीनों की सेवा समाप्त कर दी है। बर्खास्त तीनों कर्मचारी सर्वेयर पद पर चांदपुर क्षेत्र में तैनात थे।