शिक्षा और समानता विकास के लिए जरूरी
बिजनौर। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति, जनजाति जनजागृति महासंघ के एक दिवसीय अधिवेशन में शिक्षा और समानता को समाज के विकास के लिए जरूरी बताया गया।
संत रविदासनगर में हुए अधिवेशन में वक्ताओं ने कहा कि कि समाज के सभी वर्गों में समानता लाने के लिए महानायकों ने सामाजिक परिवर्तन का आह्वान किया है। बाबा साहब डा. भीमराव आंबेडकर का जीवन संघर्ष, साहित्य एवं दर्शन देखने से पता चलता है कि अनुसूचित समाज का उनसे बढ़कर कोई हमदर्द नहीं था। समाज के विकास, शिक्षा, समानता, अधिकार आदि के लिए वे हमेशा चिंतित और प्रयत्नशील रहे। बाबा साहब ने कहा था कि समता के बिना स्वतंत्रता निरर्थक है। बाबा साहब आंबेडकर के जुझारूपन और कठोर भाषा के बाह्य आवरण के पीछे भारत माता के प्रति उनकी एकांतिक निष्ठा थी। अध्यक्षता रामनाथ सिंह, संचालन सुरेश भारती ने किया। कार्यक्रम में जयराम सिंह, नौबहार सिंह, अशोक कुमार, मदन पाल, महेंद्र सिंह, बृजेश कुमार, नेमीशरण सलूजा, धर्मवीर सिंह, अमर सिंह, नरेंद्र कुमार, विक्की हल्दुवा, चंद्रहास सिंह आदि ने संबोधित किया। कार्यक्रम में सर्वसम्मति से जितेंद्र कुमार को अध्यक्ष, डॉ. जितेंद्र कुमार को जिला महामंत्री, देवेंद्र कुमार को कोषाध्यक्ष, दीपिका कुमार को महिला विंग की वरिष्ठ उपाध्यक्ष चुना गया।