संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश नगीना अनुपम सिंह ने मोहम्मद इरफान हत्याकांड में दोषी पाते हुए नौशाद उर्फ बाबा को आजीवन कारावास एवं 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड की राशि में से आधी राशि मृतक की पुत्री रिपोर्टकर्ता नाजिश को दी जाएगी।
थाना बढ़ापुर निवासी नाजिश ने थाना बढ़ापुर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह कस्बा बढ़ापुर में वार्ड नंबर-11 की निर्वाचित सभासद है। 15 नवंबर 2019 को दोपहर करीब ढाई बजे उसके पिता मोहम्मद इरफान को नगर पंचायत बढ़ापुर में किसी सूचना पर बुलाया गया। इस पर मोहम्मद इरफान घर से नगर पंचायत बढ़ापुर के कार्यालय पर पहुंचे। उस समय वहां पर नगर पंचायत अध्यक्ष एवं अन्य सभासद भी मौजूद थे।
वहां पर नौशाद उर्फ बाबा निवासी मोहल्ला घोसीयान बढ़ापुर भी मौजूद था। उसने मोहम्मद इरफान को गंदी-गंदी गालियां दी। साथ ही हमलावर होते हुए मोहम्मद इरफान का गला पकड़ लिया। मौके पर मौजूद अध्यक्ष व सभासदों ने इरफान को छुड़ाने का काफी प्रयास किया, लेकिन नौशाद मोहम्मद इरफान का गला दबाए रहा। काफी मशक्कत के बाद मोहम्मद इरफान को नौशाद से छुड़ाया गया।
इरफान जमीन पर गिर पड़े, मौके पर मौजूद लोग उन्हें तुरंत संयुक्त चिकित्सालय नगीना ले गए, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। इस हत्याकांड में एडीजीसी की ओर से सात गवाह पेश किए गए। कोर्ट ने मोहम्मद इरफान की हत्या के मामले में नौशाद उर्फ बाबा को दोषी माना और उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई।