गंगा किनारे 1200 हेक्टेयर में होगी प्राकृतिक खेती
ब्रजवीर चौधरी
बिजनौर। जैविक के बाद जनपद में गो आधारित प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। गो आधारित प्राकृतिक खेती के लिए गंगा किनारे के चार ब्लॉक नजीबाबाद, मोहम्मदपुर देवमल, हल्दौर एवं जलीलपुर में 1200 हेक्टेयर क्षेत्रफल चयनित किया गया है। इसके लिए 50-50 हेक्टेयर क्षेत्रफल के 24 कलस्टर बनाए जा रहे हैं।
रिसोर्स पर्सन व चैंपियन कम्यूनिटी पर्सन को नामित करने का कार्य किया जा रहा है। कृषि विभाग की ओर से गो आधारित प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किसानों को प्रशिक्षण देने का कार्यक्रम भी चलाया जाएगा। ताकि किसानों को प्राकृतिक खेती करने की पूर्ण जानकारी हो और इस विधि से खेती करने के लाभ व उसमें आने वाले खर्च तथा आय के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त हो जाए। प्राकृतिक खेती वर्तमान समय की मांग है इसलिए गन्ना विभाग भी अपने किसानों को प्राकृतिक खेती करने के लिए प्रेरित करेगा। इसके लिए मॉडल फील्ड तैयार करने को किसानों को प्रोत्साहित किया जाएगा। गन्ना मंत्री ने भी विभाग के अफसरों व चीनी मिलों के अधिकारियों को प्राकृतिक खेती के लिए किसानों को प्रेरित करते हुए उनसे कराने पर बल दिया। आने वाले समय में गन्ना विभाग प्राकृतिक अर्थात जीरो बजट पर खेती कराएगा।
जैविक खेती के साथ गो आधारित प्राकृतिक खेती को बढ़ाया जा रहा है। प्रथम चरण में गंगा किनारे चार ब्लॉकों की 1200 हेक्टेयर क्षेत्रफल को खेती के लिए चिह्नित कर लिया है। जल्द फार्मर फील्ड स्कूल बनाकर किसानों को प्रशिक्षण दिया जाएगा - डॉ. अवधेश मिश्रा, जिला कृषि अधिकारी।
किसानों को गो आधारित प्राकृतिक खेती पर विस्तार से जानकारी दी जा रही है। कहा कि अब समय गो आधारित प्राकृतिक खेती का है। गो आधारित खेती को बढ़ावा देने के लिए समय-समय पर किसानों को प्रशिक्षित किया जाएगा - मनोज रावत, जिला कृषि रक्षा अधिकारी।