फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राष्ट्रीय बाघ प्राधिकरण ने लगाई टाइगर सफारी के काम पर रोक

विज्ञापन
विज्ञापन
राष्ट्रीय बाघ प्राधिकरण ने लगाई टाइगर सफारी के काम पर रोक
विज्ञापन

कालागढ़ (बिजनौर)। अवैध रूप से पेड़ काटने के मामले में जांच के बाद राष्ट्रीय बाघ प्राधिकरण ने टाइगर सफारी के काम पर रोक लगा दी है। दो माह में एनजीटी की कमेटी को रिपोर्ट देने के आदेश दिए गए हैं। आदेश के चलते कालागढ़ टाइगर रिजर्व में टाइगर सफारी के काम को कार्बेट टाइगर रिजर्व ने बंद कर दिया है।
कार्बेट टाइगर रिजर्व के कालागढ़ टाइगर रिजर्व में टाइगर सफारी बनाने का कार्य चल रहा था। जिसके लिए बाकायदा बाघों के बाड़े बनाए जा रहे थे। इसके अलावा कालागढ़ पाखरो मार्ग पर रास्ते को सही किया जा रहा था। इस मार्ग पर बनाई जा रही पुलियों आदि को वन विभाग ने मामले के चर्चा में आते ही ध्वस्त कर दिया था। इसके साथ कालागढ़ टाइगर रिजर्व में अनुमति से अधिक पेड़ों के काटे जाने के आरोप के चलते मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक जेएस सुहाग व डीएफओ किशन चंद व रेंज अधिकारी बृजबिहारी शर्मा को निलंबित कर दिया था। इसी दौरान पेड़ों के कटान को लेकर विजिलेंस की टीम ने जांच करते हुए हल्द्वानी में मुकदमा दर्ज करने के बाद वनक्षेत्राधिकारी को गिरफ्तार कर लिया।
विज्ञापन

अभी इस मामले में विजिलेंस की कार्रवाई चल ही रही थीं कि कुछ दिन पहले एफएसआई ने 16.21 हेक्टेयर में 6 हजार से अधिक पेड़ काटे जाने के संबंधी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपी थी। एनजीटी ने इस मामले में सुनवाई करते हुए डीजी स्तर पर तीन सदस्यीय कमेटी के गठन के आदेश दिए हैं। कमेटी कार्बेट में वन और पर्यावरण के नियमों के उल्लंघन की विस्तृत जांच करेगी। कमेटी दो महीने में अपनी रिपोर्ट देगी। इस अवधि तक इस प्रोजेक्ट पर कोई काम नहीं करने के आदेश दिए गए हैं।
एनजीटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल, न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल और एक्सपर्ट मेंबर प्रो. ए सेंथिल वेल ने केंद्र और उत्तराखंड सरकार को इस प्रोजेक्ट पर फिलहाल काम करने से मना किया है। साथ ही एक महीने में स्पष्टीकरण देने को भी कहा है। संबंधित विभागों को विशेष सिफारिश से जुड़ी रिपोर्ट एक महीने में देने को कहा है। यह रिपोर्ट केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय व जलवायु परिवर्तन को सौंपने को कहा गया है।
सभी काम काज रोके गए
कार्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक डा.धीरज पांडेय ने बताया कि एनजीटी के आदेश होने के बारे में जानकारी हो गई है। यहां हालांकि जांच के दौरान काम बंद हैं। अब राष्ट्रीय बाघ प्राधिकरण ने इस निर्माण पर रोक लगा दी है। इन आदेशों का पालन किया जा रहा है।
विज्ञापन

पीएम दौरे के बाद ही शुरू हुआ था काम
देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 फरवरी 2019 को कालागढ़ होते हुए कार्बेट नेशनल पार्क में पहुंचे थे। उनके दौरे के बाद पाखरो में टाइगर सफारी एवं कालागढ़ उपखंड के ढेला में कार्बेट वन्यजीव बचाव और पुनर्वास एवं संरक्षण केन्द्र खोले जाने जाने की बात वन विभाग ने बताई थी। दोनों ही बातें प्रधानमंत्री के दौरे को जोड़कर कही गई थीं। टाइगर सफारी का काम चल रहा है। ढेला में कार्बेट वन्यजीव बचाव और पुनर्वास एवं संरक्षण केंद्र कार्य कर रहा है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें