चांदपुर। गांव भिडियाखेड़ा निवासी प्रशांत कुमार ने कोर्ट में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उसकी जान पहचान गांव के ही रहने वाले व्यक्ति से थी। 19 जून 2024 को उससे छह लाख रुपये उधार लेकर अपनी कृषि भूमि को बंधक किया था। 11 माह बाद पैसे लौटाने या जमीन का कब्जा देने का वादा किया गया, जिस पर उसने व आरोपी ने 100 रुपये के स्टांप पेपर पर एक तहरीर याददाश्त लिखी गई थी। उसने रुपये आरोपी के खाते में आरटीजीएस से ट्रांसफर किए थे। समयसीमा बीतने पर रुपये वापस नहीं दे पाने पर सौरभ ने 19 जून 2025 को उक्त भूमि का बैनामा उसके नाम कर दिया, जिसकी रजिस्ट्री सब-रजिस्ट्रार कार्यालय चांदपुर में दर्ज है। लेकिन जब वह भूमि पर पहुंचा तो पता चला कि आरोपी ने वही जमीन का एक अंय बैनाम एक महिला के नाम भी कर रखा है। 21 सितंबर 2025 को शाम करीब पांच बजे जब उसने आरोपी से बात की तो उसने टालमटोल की। ज्यादा जोर डालने पर आरोपी ने गाली गलोज करते हुए मारपीट की और रुपये या जमीन की बात दोहराने पर जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है।