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निकाय चुनाव: फेसबुक पर परख रहे कितना मशहूर है ‘चेहरा’

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जिनौर में फेसबुक पर इस तरह भाजपा के नगरपालिका के अध्यक्ष पद के टिकट के दावेदारो के फोटो। - फोटो : BIJNOR
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निकाय चुनाव: फेसबुक पर परख रहे कितना मशहूर है ‘चेहरा’
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बिजनौर। भले ही चुनावी दंगल में कौन कौन कूदेगा यह तय नहीं है, लेकिन फेसबुक पर दावेदारों की परख हो रही है। दरअसल नगर पालिका परिषद बिजनौर के नाम पर बने हुए पेज पर भाजपा से टिकट की लाइन में लगे संभावित उम्मीदवारों के फोटो अपलोड किए जा रहे हैं। जिनके बारे में राय मांगी जा रही है। हालांकि पार्टी ने इसे अपना अधिकारिक पेज होने से पल्ला झाड़ लिया है।
निकाय चुनाव की अभी तारीख तय नहीं है और पार्टियों ने भी उम्मीदवारों को लेकर अपने पत्ते नहीं खोले हैं। उधर भाजपा और गठबंधन के सिंबल पर चुनाव लड़ने के इच्छुक दावदारों ने आवेदन कर रखे हैं। बिजनौर नगर पालिका से अध्यक्ष पद के लिए भाजपा में करीब पंद्रह नेताओं ने आवेदन कर रखे हैं। जल्द ही जिला स्तर की कमेटी इनकी छंटनी करते हुए पार्टी हाईकमान को तीन से चार नाम भेजेगी।
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उधर गठबंधन में बिजनौर पालिका रालोद के पास रहेगी या सपा के, इसकी स्थिति साफ नहीं हुई है। फिर भी दोनों ही पार्टियों में दावेदार लाइन में है।
उधर भाजपा से टिकट की लाइन में लगे दावेदारों के चेहरे सोशल मीडिया पर घूम रहे हैं। बाकायदा फेसबुक पर एक पेज बना हुआ है, जिस पर भाजपा से टिकट मांग रहे संभावित उम्मीदवारों के फोटो डाले गए हैं, इनके बारे में राय मांगी जा रही है।
झेलनी पड़ रही तारीफ और आलोचना
सोशल मीडिया पर फोटो के साथ मांगी जा रही राय में लोग तरह तरह के कमेंटस कर रहे हैं। कुछ तारीफ कर रहे हैं, तो कुछ आलोचना भी कर रहे हैं। कमेंट्स में कुछ ने तो साफ तौर पर लिख रहा कि उक्त व्यक्ति की अध्यक्ष पद के लिए उपयुक्त रहेगा, जबकि कुछ सार्वजनिक तौर पर ही बेकार जैसे शब्दों का भी इस्तेमाल कर रहे हैं।
कौन परख रहा छवि, बना है सवाल
भाजपा से टिकट की लाइन में लगे लोगों की छवि को आखिर कौन परख रहा है, यह सवाल बना हुआ है। क्योंकि भाजपा जिलाध्यक्ष फेसबुक के इस अंकाउट को पार्टी का होने से इनकार कर दिया है।
हाईकमान को भेजे जाएंगे केवल तीन नाम: सुभाष वाल्मीकि
भाजपा जिलाध्यक्ष सुभाष वाल्मीकि ने बताया कि दावेदारों की संख्या तो काफी है, लेकिन संगठन में मंथन के बाद हाईकमान को केवल तीन से चार नाम ही भेजे जाएंगे। इस पर काम चल रहा है और शीघ्र ही हाइकमान को भेजे जाने वाले नाम भी छांट लिए जाएंगे। उधर फेसबुक पर किसने पेज बनाया है, इसका पता कराया जाएगा।
गठबंधन का प्रत्याशी लड़ेगा चुनाव: राशिद हुसैन
सपा जिलाध्यक्ष राशिद हुसैन ने बताया कि सपा और रालोद में छह-छह सदस्य कमेटी बनाई गई है। अभी बिजनौर नगर पालिका का टिकट कौन सी पार्टी के दावेदार को मिलेगा, यह तय होना बाकी है। दोनों ही ओर से दस से ज्यादा दावेदार हैं। शीघ्र ही नाम तय कर लिए जाएंगे।
आज है आपत्ति का आखिरी दिन, सोमवार से होगी समीक्षा
जिला प्रशासन ने वार्ड आरक्षण पर आपत्ति मांगी थी, जिसके लिए रविवार को आखिरी दिन है। सोमवार से प्रशासन इन आपत्तियों की समीक्षा शुरू कर देगा। एडीएम प्रशासन विनय कुमार ने बताया कि शनिवार तक 130 से ज्यादा आपत्ति आ चुकी हैं। इन सभी के निस्तारण और समीक्षा का काम सोमवार से शुरू हो जाएगा। 15 दिसंबर तक अंतिम आरक्षण सूची जारी होने की उम्मीद है।
हल्दौर नगर पालिका: इतिहास
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टैक्स डोनेट देने वाले को मिलती थी टाउन एरिया की जिम्मेदारी
-नगर को वर्ष 1916 में टाउन एरिया का दर्जा मिला
- वर्ष 1985 में नगर को पालिका का दर्जा घोषित कर दिया गया
संवाद न्यूज एजेंसी
हल्दौर। नगर को वर्ष 1916 में टाउन एरिया का दर्जा मिला। नगर के कुंवर प्रशांत सिंह के अनुसार उस दौरान भारत में ब्रिटिश सरकार का शासनकाल था। ब्रिटिश सरकार को टैक्स डोनेट देने वाले व्यक्ति को उसकी योग्यता के आधार पर टाउन एरिया की जिम्मेदारी सौंपी जाती थी।
15 अगस्त 1947 देश को आजादी के दस वर्ष बाद हल्दौर को नगर पंचायत का दर्जा मिला। लेकिन दस वर्ष तक कोई भी चेयरमैन नहीं रहा। इस दौरान प्रशासक ने पालिका के कामकाज की जिम्मेदारी संभाली। इस दौरान वर्ष 1957, 1962, 1967 और 1971 तक लगातार रियासत के कुंवर शिव महेंद्र सिंह नगर पंचायत अध्यक्ष पद पर रहे। उस समय नगर में चार वार्ड बनाए गए। नगर की आबादी करीब 12 हजार बताई गई। वर्ष 1971 में चुनाव के दौरान रियायत के कुंवर हरिराज नगर पंचायत अध्यक्ष चुने गए। कुंवर हरिराज के कार्यकाल के बाद करीब 12 वर्ष तक कोई चुनाव नहीं हुआ। जिसका चार्ज एसडीएम सदर पर रहा।
शासन द्वारा वर्ष 1985 में नगर को पालिका का दर्जा घोषित कर दिया गया। तीन वर्ष तक एसडीएम सदर पर चार्ज रहा। वर्ष 1988 में चुनाव हुआ, जिसमें नगर में 12 वार्डों के साथ नगर की करीब 16 हजार की आबादी थी। चुनाव के दौरान दोबारा कुंवर हरिराज सिंह चेयरमैन चुने गए। करीब ढाई वर्ष तक चेयरमैन के पद पर रहने के बाद बोर्ड भंग हो गया। वर्ष 1995 में 12 वार्डों का चयन कर 17 हजार आबादी के दौरान कुंवार प्रमोद कुमार चेयरमैन चुने गए। इसके बाद महिला सीट पर विजयपाल चौहान की पत्नी उमा देवी वर्ष 2000 से 2005 तक अध्यक्ष पद पर रही। 2005 से 2006 तक चार्ज एसडीएम सदर पर रहा।
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इस दौरान नगर में 20 हजार की आबादी के 25 वार्ड बनाए गए। जिसमें एससी महिला सीट पर मास्टर नरेंद्र की पत्नी शोभा रानी वर्ष 2006 से 2011 तक चेयरपर्सन पद पर रही। वर्ष 2011 में भी एसडीएम सदर पर चार्ज रहा। पिछड़ा महिला वर्ग सीट पर वर्ष 2012 से 2017 तक सुशील वर्मा की पत्नी सुमन वर्मा चेयरपर्सन पद पर रही। वर्ष 2017 में एससी सीट पर चुनाव हुआ, जिसमें अमर सिंह उर्फ पम्मी ने अध्यक्ष पद पर अपना कार्यकाल पूरा किया। वर्तमान में नगर में 25 वार्ड व आबादी करीब 27 हजार है।

बिजनौर में फेसबुक पर इस तरह भाजपा के नगरपालिका के अध्यक्ष पद के टिकट के दावेदारो के फोटो।- फोटो : BIJNOR

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