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साल 1979 में पहली बार जिले में आए थे मुलायम सिंह यादव

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धामपुर के केएम इंटर कॉलेज के मैदान में मूलचंद चौहान के समर्थन में चुनावी सभा को संबोधित करते मुला - फोटो : DHAMPUR
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साल 1979 में पहली बार बिजनौर आए थे मुलायम सिंह यादव
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बिजनौर/कोतवाली देहात। मुलायम सिंह यादव ने सहकारिता मंत्री रहते हुए बिजनौर की धरती पर पहली बार 30 अप्रैल 1979 को कदम रखा। उस वक्त सहकारिता मंत्री रहते हुए शादीपुर में में सहकारी साधन समिति के खाद गोदाम का उद्घाटन किया था। जिसका पत्थर आज भी लगा हुआ है।
उस दौर में सहकारी समिति के संचालक रहे गांव शादीपुर निवासी 88 वर्षीय चौधरी रामपाल सिंह बताते हैं मुलायम सिंह यादव ट्रेन से बिजनौर पहुंचे। बिजनौर रेलवे स्टेशन से शादीपुर तक कार से गए थे। उन्होंने सहकारी समिति के खाद गोदाम का उद्घाटन किया। मुलायम सिंह यादव ने संबोधन में किसानों की बात की थी। उस समय किसानों के लिए ऋण सुलभ नहीं था और ज्यादातर किसान ऋण लेने के लिए साहूकारों पर निर्भर रहते थे। मुलायम सिंह यादव ने अपने संबोधन में समिति के कर्मचारियों और संचालक मंडल से किसानों को अधिक से अधिक ऋण देने की अपील की थी।
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मुलायम सिंह यादव अपने साथ कई सफेद धोती लाए थे जो उन्होंने चौधरी रामपाल सहित संचालक मंडल के अन्य सदस्यों को अपनी ओर से भेंट की। रामपाल सिंह बताते हैं कि आमतौर पर धोती ढाई मीटर की होती है, लेकिन वह धोती 5 मीटर की थी। लगभग 3 घंटे ग्राम शादीपुर में रुके थे। चौधरी रामपाल सिंह बताते हैं कि मुलायम सिंह के आदेश देने के बाद शादीपुर सहकारी समिति में एक सरकारी दुकान खुल गई थी।
रामविलास पासवान के समर्थन में प्रचार को पहुंचे थे हल्दौर
हल्दौर। बिजनौर लोकसभा सीट पर 1985 में हुए उपचुनाव के दौरान जनतादल प्रत्याशी केंद्रीय मंत्री रहे रामविलास पासवान के समर्थन में मुलायम सिंह यादव ने हल्दौर पहुंचकर प्रचार किया था।
नगर के मोहल्ला खेड़ा निवासी स्वर्गीय डॉ महबूब इकबाल की पत्नी बसरजहां के अनुसार उपचुनाव के दौरान मुलायम सिंह यादव ने रात्रि में उनके आवास पर पहुंचकर विश्राम किया और अगले दिन रामविलास पासवान के समर्थन में चुनावी दौरा किया। लेकिन चुनाव में मीरा कुमार विजयी हो गई थीं।
शराबी पति को काबू में करने के लिए उठा लो बेलन...
- साल 1993 में नगीना में जनसभा को संबोधित करते हुए महिलाओं से किया था संवाद
- महीनों तक उनके इस भाषण की होती रही थी चर्चा
संवाद न्यूज एजेंसी
नगीना। शराब पीकर तंग करने वाले पति से परेशान होने की जरूरत नहीं है, अगर उन्हें काबू करने के लिए बेलन उठाना पड़े तो पीछे मत हटना। मेरा समर्थन तुम्हारे साथ है। यह बात मुलायम सिंह यादव ने जनसभा में मौजूद महिलाओं से कही थी। दरअसल 10 दिसंबर 1993 को तत्कालीन विधायक सतीश कुमार गौतम के अनुरोध पर नगीना के हिंदू इंटर कॉलेज में मुख्यमंत्री रहते हुए मुलायम सिंह यादव जनसभा को संबोधित करने पहुंचे थे।
पूर्व विधायक सतीश कुमार गौतम बताते हैं कि जब वह विधायक थे तब मुलायम सिंह यादव से उनके बहुत नजदीकी संबंध रहे। उनके बुलावे पर 1993 में प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव नगीना के हिंदू इंटर कॉलेज में आए थे। उस समय मुलायम सिंह यादव ने नगीना को राजकीय डिग्री कॉलेज भी दिया था लेकिन बाद में पर्याप्त जमीन नहीं मिल पाने के कारण वह नहीं बन सका। कॉलेज के लिए 3 करोड़ रुपये स्वीकृत भी हो गए थे।
सपा विधायक मनोज पारस का कहना है कि सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव के निधन से उन्हें गहरा आघात पहुंचा है। वह कहते हैं कि मुलायम सिंह यादव जुबान के बहुत पक्के तथा वायदा निभाने वाले नेताओं में शुमार थे। उन्होंने बताया कि 2009 के लोकसभा चुनाव में जब उन्हें पार्टी ने नगीना लोकसभा से टिकट देकर उनका टिकट काट दिया तो वह इस बात की नाराजगी जताने नेता जी से मिलने लखनऊ गए थे। मुलायम सिंह यादव द्वारा यशवीर सिंह को ही नगीना सीट पर लड़ाने की बात कहने के बाद वह निराश होकर जब उनके आवास से बाहर निकल आए तो नेता जी उन्हें अपने गाड़ी में बैठाकर पार्टी कार्यालय ले गए। तथा उनसे वायदा किया कि यशवीर सिंह को जिताकर भेजो, 2012 के विधानसभा चुनाव में सपा सरकार बनने पर तुम्हें मंत्री बनाकर इनाम दिया जाएगा। मनोज पारस बताते हैं कि 2012 में मुलायम सिंह यादव ने उनसे किया गया अपना वायदा निभाते हुए उन्हें बिना किसी सिफारिश के सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की सरकार में मंत्री बनवाया था। विधायक बताते हैं कि मुलायम सिंह यादव उनके 2007 के विधानसभा चुनाव में तथा 2009 के लोकसभा चुनाव में जनसभा करने नगीना आए थे।
साल 1991 शादी में शामिल होने के लिए आए थे अफजलगढ़
अफ़जलगढ़। पूर्व विधायक और अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन रहे शेख सुलेमान की शादी में साल 1991 में मुलायम सिंह यादव हेलीकाप्टर से अफजलगढ़ पहुंचे थे। मुलायम सिंह यादव वर्ष 1996 में भी अफजलगढ़ में चुनाव प्रचार करने आए। वहीं द्वारिकेश शुगर मिल के उद्घाटन के कार्यक्रम में भी शामिल होने के लिए अफजलगढ़ आना था, लेकिन किन्ही कारणों से कार्यक्रम रद्द होने के बाद अमर सिंह उद्घाटन कार्यक्रम में भाग लेने पहुंचे थे। इसके बाद वर्ष 2002 से वर्ष 2006 तक मुलायम सिंह यादव ने शेख सुलेमान से विशेष लगाव रहने के चलते उन्हें सरकार में अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन के रूप में मनोनीत किया।
धामपुर विधानसभा सीट से रहा गहरा लगाव
धामपुर। मुलायम सिंह यादव का धामपुर की धरती से बेहद लगाव रहा है। मुलायम सिंह यादव का धामपुर में तीन बार सपा प्रत्याशी रहे मूलचंद चौहान के समर्थन में चुनावी सभा करने क े लिए आना हुआ। अन्य कई बार जब वह अफजलगढ़ या बिजनौर में आए। तभी उनका धामपुर में नौरंगाबाद गांव में स्वागत हुआ।
पूर्व राज्य मंत्री मूलचंद चौहान बताते हैं कि मुलायम सिंह यादव का उनसे बेहद लगाव रहा है। साल 1996 में मुलायम सिंह यादव ने धामपुर में उनके समर्थन में विशाल चुनावी सभा को संबोधित किया था। उनके लिए झोली फैलाकर वोट मांगे थे। मूलचंद चौहान के समर्थन में साल 2002 और 2007 में भी वोट मांगने के लिए धामपुर आए थे। बताते हैं कि जब 1994 में उन्होंने समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की थी। तो मुलायम सिंह यादव ने दिल्ली में बैठक बुलाई थी। 1977 में जब जनता पार्टी बनी थी। तब मुलायम सिंह यादव प्रदेश के सहकारिता मंत्री थे । उनका उनके पास तभी से आना-जाना शुरू हो गया था । मूलचंद चौहान बताते हैं कि जब वे एक बार चुनावी सभा के लिए अफजलगढ़ जा रहे थे। तब वह कुछ देर के लिए नौरंगाबाद रुके थे।
साल 1996 में नहटौर आए थे मुलायम
नहटौर। साल 1996 में मुलायम सिंह यादव ने नहटौर एचएमआई इंटर कॉलेज में उन्होंने जनसभा को संबोधित किया। हेलीकॉप्टर जेवीएम इंटर कॉलेज में उतरा था। हेलीपैड से जनसभा तक पहुंचने के लिए थाने और एचएमआई इंटर कॉलेज के बीच बनी कॉलेज की दीवार को तोड़कर रास्ता बनाया गया था। सपा नेता हाजी अब्दुल कादिर, काजी जमाल नासिर बताते है कि नेताजी के भाषण सुनने के लिए शहर से ज्यादा गांव के लोग ट्रैक्टर ट्रालियों से पहुंचे थे।
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सलाह पर विशेष गौर करते रहे मुलायम सिंह यादव
चांदपुर। मुलायम सिंह यादव से चांदपुर के मोहल्ला साहुवान निवासी डॉ. सत्येंद्र कुमार शर्मा का पुराना नाता रहा है। डॉ. सत्येेंद्र शर्मा का पत्राचार के माध्यम से संपर्क बना रहा। डा. सत्येंद्र शर्मा ने बताया कि मुलायम सिंह यादव ने जब सपा का गठन किया था, तब उन्हें बिजनौर जिले का महामंत्री बनाया था। उनकी सलाह पर ही मुलायम सिंह यादव ने परशुराम जयंती पर अवकाश घोषित किया था। इतना ही नहीं मुलायम सिंह यादव दूसरों के दिए विचार सलाह पर ध्यान देते थे। एक बार डॉ. सत्येंद्र शर्मा ने मुलायम सिंह को पत्र लिखा था, उसमें सलाह दी थी कि वे अजीत सिंह के साथ चुनाव लड़ें, जिस पर मुलायम सिंह यादव ने डॉ. शर्मा को फोन कर कहा था कि आपका सुझाव मान्य है।

अफजलगढ़ में कार्यकर्ताओं के साथ वार्ता करते मुलायम सिंह यादव। (फाइल फोटो)- फोटो : BIJNOR

नगीना में आयोजित हुई एक जनसभा में शामिल होने जाते मुलायम सिंह यादव।- फोटो : BIJNOR

नजीबाबाद में वर्ष 2002 चुनावी सभा में सपा नेता मुनव्वर अली के साथ मुलायम सिंह यादव।- फोटो : NAZIBABAD

दिवंगत मुलायम सिंह यादव के साथ प्रदेश के पूर्व राज्यमंत्री मूलचंद चौहान , फाइल फोटो- फोटो : DHAMPUR

बिजनौर में नेपाल सिंह आर्य से वार्ता करते मुलायम सिंह यादव। (फाइल फोटो)- फोटो : BIJNOR

बिजनौर में कार्यर्ताओं के साथ मुलायम सिंह यादव। (फाइल फोटो)- फोटो : BIJNOR

बिजनौर में 2014 में प्रदर्शनी मैदान में चुनावी जनसभा में भीड़ का अभिवादन करते मुलायम सिंह यादव। (फा?- फोटो : BIJNOR

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