बिजनौर। खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। मार्च में एडीएम प्रशासन ने 12 मुकदमों की सुनवाई की। खाद्य पदार्थों में मिलावट होने पर इन पर सात लाख 40 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
खाद्य विभाग के अभिहीत अधिकारी नादिर अली ने बताया कि खाद्य पदार्थ जांच में मानकों पर खरे नहीं उतरे। जिसके बाद उनके खिलाफ एडीएम प्रशासन के यहां वाद दायर किया गया। हल्दौर से अमूल दूध की गाड़ी से नमूना लिया, जो मानकों पर खरा नहीं उतरा। जिसके चलते कोर्ट ने तीन लाख 80 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। इसके अलावा बिना पंजीकरण कारोबार करने पर स्योहारा निवासी तनवरी पर 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
बेसन का नमूना फेल आने पर नगीना निवासी दिलशाद अंसारी पर 40 हजार रुपये, दूध का नमूना फेल आने पर नजीबाबाद निवासी सरफराज पर 15 हजार रुपये, किरतपुर निवासी नाजिर पर दूध का नमूना फेल आने पर 20 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया। जबकि नगीना देहात निवासी जावेद पर दूध का नमूना फेल आने पर 30 हजार रुपये, बिजनौर शहर निवासी नवाब पर सफेद रसगुल्ला जांच में सही नहीं आने पर 25 हजार रुपये, अनुज चौधरी को साबूदाना के लिए 20 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया।
किरतपुर के अंकुर कुमार पर हल्दी पाउडर के लिए 25 हजार रुपये, नजीबाबाद के रवि कुमार पर दूध का नमूना फेल आने पर 20 हजार रुपये, धामपुर के सलीम पर बूंदी लड्डू जांच में सही नहीं आने पर 30 हजार रुपये, नजीबाबाद के देवदीप वनस्पति ऑयल के यहां से लिया गया वनस्पति का नमूना भी जांच में खरा नहीं उतरने पर एक लाख 20 हजार रुपये जुर्माना लगाया।
अभिहीत अधिकारी नादिर ने बताया कि आगे भी कार्रवाई जारी रहेगा। दोनों पक्षों की सुनवाई होने के बाद जुर्माना लगाया है।