- 600 से अधिक प्रजाति के पक्षी अकेले कार्बेट अंचल में मौजूद
- रंगबिरंगे पक्षियों की दुनिया अद्भुत अनुभूति का एहसास कराती है
अथहर महमूद सिद्दीकी
फोटो समाचार
कालागढ़ (बिजनौर)। कालागढ़ क्षेत्र में रंगबिरंगे पक्षियों की दुनिया अद्भुत अनुभूति का एहसास कराती है। भारत में पाए जाने वाली पक्षियों की 50 प्रतिशत से अधिक प्रजातियां अकेले कार्बेट टाइगर रिजर्व में ही मौजूद हैं। कालागढ़ में रामगंगा नदी तटीय इलाकों में तो भोर एवं संध्याकल में इनके कलरव किसी को भी भावविभोर कर देते हैं।
कार्बेट टाइगर रिजर्व के आंचलिक इलाके में रंग बिरंगे पक्षियों का अद्भुत संसार देखने को मिलता है। कालागढ़ से रामनगर, ढिकाला, मोरघाटी, कोटद्वार, लैंसडॉन तक के सफर में ही बड़ी संख्या में पक्षियों को देखा जा सकता है। कार्बेट अंचल में बहने वाली नदियां रामगंगा, कोल्हू, सोना, धारा, कोठीराव, कोसी आदि नदियां इस क्षेत्र के पक्षियों के लिए जीवनदायिनी हैं। इनके तटों पर भारतीय पक्षियों के अलावा सर्दी के दिनों में यूरोपीय एवं साइबेरियाई देशों के पक्षी आबाद रहते हैं। यहां जंगली मुर्गे, सारस, हंस, विभिन्न प्रकार के तोते, मैना, नाइट जार, बया, मैना, कोयल, चील, बाज, गिद्ध, जलमुर्गी, नलीकंठ, विभिन्न प्रकार के तीतर, कलेर, मोर आदि नज़र आते हैं।
दिन के अलावा निशाचर पक्षी उल्लू, चमगादड़ की आवाजें रात्रि की एकाग्रता को भंग कर जाती हैं। भोर एंव गोधूलि के समय तो यहां के पक्षियों का कलरव वातावरण को एक विशेष रंग दे देता है। सुबह सैर सपाटे के लिए निकले लोग इनके मधुर कलरव के साथ ही अपना दिन शुरू करते हैं। वन्यजीवों के साथ ही यहां इनका भी संरक्षण हो रहा है। इनकी उपस्थिति स्वस्थ पारिस्थितिकी को शुद्ध पर्यावरण प्रदान करती है। (संवाद)
देश में 1300 से अधिक प्रजाति के पक्षी सर्वेक्षण में आए
कार्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक डाॅ. धीरज पांडेय का कहना है कि देश में 1300 से अधिक प्रजाति के पक्षी सर्वेक्षण में आए हैं। 600 से अधिक प्रजाति के पक्षी अकेले कार्बेट अंचल में मौजूद हैं। यहां शिवालिक पर्वतों की नदियों की घाटियां इन्हें विशेष प्राकृतावास देती हैं। देशी विदेशी पक्षी यहां निवास करते हैं। बड़ी संख्या में यहां पर्यटक पक्षियों का दीदार करने आते हैं। वर्तमान में यहां पक्षियों का तीन दिवसीय सर्वेक्षण कार्य चल रहा है। जिसके उत्साहजनक परिणाम आने की आशा है।
पक्षियों के लिए अलग से हो पर्यटन की सुविधा
कार्बेट अंचल के प्रकृति प्रेमी व पक्षी विद राजेश भट्ट का कहना है कि कार्बेट के जंगलों में पक्षियों के लिए अलग से पर्यटन होना चाहिए। यहां पक्षियों के प्राकृतावास, उनकी प्रजातियों आदि पर शोध के अवसर मौजूद हैं। खूबसूरत पक्षी किसी को भी अपनी ओर आकर्षित करने में सक्षम हैं। इनका महत्व प्रत्येक नागरिक को मिलना चाहिए। पक्षियों के फोटो खींचकर उनको पास रखना प्रकृति के खजाने को सहेजना है। यह सभी का शौक बनना चाहिए।