बिजनौर। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कल्पना पांडेय ने मोहसिन को आठ वर्षीय मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म का दोषी माना है। न्यायाधीश ने उसे 20 वर्ष के कारावास एवं 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
शासकीय अधिवक्ता भालेंद्र सिंह राठौर के अनुसार चांदपुर के एक गांव निवासी व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 19 मई 2022 को दोपहर करीब 12 बजे मोहसिन निवासी कस्बा बास्टा उसके घर के सामने ठेला लगाकर आइसक्रीम बेच रहा था। उसकी आठ वर्षीय पुत्री आइसक्रीम लेने गई तो मोहसिन ने आइसक्रीम का लालच देकर उसके साथ गलत व्यवहार करते हुए छेड़छाड़ की। उस समय घर में कोई मौजूद नहीं था। शाम को घर आने पर उसकी पुत्री ने उन्हें घटना के बारे में बताया। साथ ही कहा कि वह आइसक्रीम वाला फिर आने को कह गया है।
20 मई को दोपहर ढाई बजे मोहसिन फिर आया और उसकी बच्ची को बुलाने लगा और छेड़छाड़ की। जब उसका विरोध किया तो वह ठेला छोड़कर भाग गया। जिसे उसने उसकी पत्नी व अन्य लोगों की मदद से लक्ष्मी नहर से पकड़ा और उसे थाने लाए। इस मामले में कोर्ट ने मोहसिन को दोषी करार दिया गया। कोर्ट ने उसे पॉक्सो एक्ट में अपराध का दोषी पाते हुए 20 साल के कारावास की सजा सुनाई।