बिजनौर। बोक्सा जनजाति इलाकों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। जिसके चलते जिले को दो मोबाइल मेडिकल यूनिट मिल गईं हैं। दो महीने तक इन यूनिटों के जरिए गांव-गांव जाकर मरीजों का इलाज किया जाएगा। जिसकी तैयारी शुरू हो गई है।
सरकार की ओर से बोक्सा जनजाति के लिए प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान (पीएम-जनमन) चलाया जा रहा है। जिसके तहत बोक्सा जनजाति इलाकों में सुविधाएं बढ़ाई जा रहीं हैं। बिजनौर में बोक्सा जनजाति के आठ गांव हैं। बिजनौर के कोतवाली ब्लॉक के गांव ढकिया बावन सराय, औरंगजेबपुर शाहली, बगनाला, भूमिदान कॉलोनी, भोगपुर, नजीबाबाद ब्लॉक के गांव चतरूवाला, चौहड़खाता और अफजलगढ़ के गांव कुआंखेड़ा में बोक्सा जनजाति के लोग रहते हैं।
15 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन लोगों से संवाद करेंगे। जिसके चलते स्वास्थ्य सेवा बेहतर करने के लिए बिजनौर को दो मोबाइल मेडिकल यूनिट मिली हैं। इस यूनिट में मरीजों के इलाज के अलावा जांच भी होगी। मोबाइल मेडिकल यूनिट में इलाज और जांच करने के लिए चिकित्सक, फार्मासिस्ट, स्टाफ नर्स, लैब टेक्नीशियन तैनात रहेगा।
- यूनिट में हो सकेगी 10 तरह की जांच
मोबाइल मेडिकल यूनिट में मरीजों को दवाई तो दी ही जाएगी। साथ ही में 10 तरह की जांच भी हो सकेंगी। यूनिट में ब्लड ग्लूकोज, टीएलसी, डीएलसी, ईएसआर, ईसीजी, गर्भवती जांच, यूरिन एल्बुमिन, यूरिन ग्लूकोज, यूरिन माइक्रोस्कोपी, एचबी जांच की जाएगी। जिससे लोगों को काफी फायदा होगा।
वर्जन: जिले को दो मोबाइल मेडिकल यूनिट मिली हैं। ये वैन शुरूआत में दो महीने के लिए बिजनौर को दी गई गई हैं। इसके बाद समय आगे बढ़ाया जा सकता है। बृहस्पतिवार से इन्हें बोक्सा जनजाति वाले गांवों में भेजा जाएगा। जबकि दूसरे गांवों में 15 जनवरी के बाद यह यूनिट जाएंगी। - डॉ. विजय कुमार गोयल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, बिजनौर