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आंखों में विकार पैदा कर रहा मोबाइल, बच्चे हो रहे बीमार

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आंखों में विकार पैदा कर रहा मोबाइल, बच्चे हो रहे बीमार
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बिजनौर। मोबाइल का ज्यादा इस्तेमाल आंखों को प्रभावित कर रहा है। बच्चों में निकट दृष्टि दोष (मायोपिया) और ड्राइनेस की समस्या बढ़ रही है। कोरोना काल में बच्चों की पढ़ाई ऑनलाइन हो गई थी। जिसके बाद से बच्चों को मोबाइल की लत लग गई। यही कारण है कि जिला अस्पताल में इन बीमारियों से संबंधित रोजाना करीब 15 मरीज पहुंच रहे हैं।
बदलते दौर के साथ मोबाइल जीवन का एक अहम हिस्सा बन गया है, लेकिन इसके ज्यादा इस्तेमाल से आंखें प्रभावित हो रही हैं। मोबाइल का ज्यादा प्रयोग करने से बच्चों में दूर की चीजों को देखने में समस्या आ रही है। समय से चिकित्सक को नहीं दिखाने पर बच्चों को छोटी उम्र में ही चश्मा लग रहा है। जिला अस्पताल के नेत्र चिकित्सकों के अनुसार बच्चों में ड्राइनेस की समस्या ज्यादा देखने को मिल रही है। इसके अलावा बच्चे निकट दृष्टि दोष का भी शिकार हो रहे हैं। क्योंकि बंद कमरे में मोबाइल से ऑनलाइन पढ़ने सेे आंखों की मांसपेशियों में खिंचाव होता है। जिससे बच्चों की मांसपेशिया सिकुड़ रही हैं। जिला अस्पताल के नेत्र विभाग में रोजाना 150 मरीजों तक की ओपीडी होती है। जिनमें से करीब 10 प्रतिशत बच्चे आंखों की समस्या के आ रहे हैं।
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आंखों में ड्राइनेस के लक्षण
दूर की चीजें धुंधली दिखाई देना
आंखों का लाल होना
बार-बार पलक झपकना
आंखों को बार-बार मलना
सिर में तेज दर्द
ड्राइनेस से बचाव के उपाय
मोबाइल, टीबी, लैपटॉप का ज्यादा प्रयोग न करें
कुछ समस्या दिखाई देने पर चिकित्सक से परामर्श लें
चश्मा का उपयोग करें
दवाई का प्रयोग करें
बच्चों की आंखों में ड्रायनेस की समस्या बढ़ रही है। आंखों की समस्या बच्चों में मोबाइल, लैपटॉप का ज्यादा इस्तेमाल से हो रहा है। रोजाना करीब 15 बच्चे तक आंखों की समस्या के पहुंच रहे हैं
- डॉ. मनोज सेन, नेत्र विशेषज्ञ जिला अस्पताल
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