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बदइंतजामी : किलकारी मारने से पहले ही टूट गई नवजात की सांस

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स्योहारा में नवजात की मौत के बाद डॉक्टर से पूछताछ करती पुलिस। - फोटो : BIJNOR
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स्योहारा। शहर सीएचसी में प्रसूता महिलाओं और नवजात बच्चों की जान बदइंतजामी के फेर में फंसी है। एमबीबीएस नहीं, बल्कि बीयूएमएस चिकित्सक और स्टॉफ नर्स यहां प्रसव का पूरा दारोमदार थामे हैं। मंगलवार को यही बदइंतजामी और अफसरों की अनदेखी एक नवजात की जान लील गई। नौ महीने तक भ्रूण को पोषण देने वाली प्रसूता के कानों में जब नवजात की किलकारी से पहले उसकी मौत की खबर पहुंची तो बेसुध हो गई। पिता भी कार्रवाई की मांग करते हुए नवजात के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की जिद पर अड़ गया। साफ कहा कि जो अब हुआ दोबारा कभी किसी मां के साथ न हो इसके लिए वह बदइंतजामी के खिलाफ आवाज बुलंद करेगा।
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थाना ठाकुरद्वारा के मोहल्ला मनिहारान निवासी नौरीन जहां पत्नि मिर्जा गालिब अपने मायके स्योहारा के मोहल्ला शेखान में रह रही थी। नौरीन के प्रसव का पूरा समय चल रहा था, जिस कारण नौरीन स्योहारा सीएचसी पर तीन दिन से महिला चिकित्सक के संपर्क में थी। मंगलवार को नौरीन को प्रसव पीड़ा होने पर सीएचसी पर भर्ती कराया गया। जहाँ उसे मृत पुत्र पैदा हुआ। मृत शिशु पैदा होने की जानकारी लगने पर नौरीन जहां के पति मिर्जा गालिब ने महिला चिकित्सक रहमत जहां व मौजूद दो स्टाफ नर्सों पर प्रसव के दौरान लापरवाही बरतने का आरोप लगाया।
मिर्जा गालिब का आरोप है कि प्रसव से पूर्व उसने कई बार महिला चिकित्सक से कहा कि यदि कोई परेशानी हो तो वह बाहर कहीं निजी चिकित्सक के ले जा सकते हैं। मगर महिला चिकित्सक सब ठीक है कहती रही। प्रसूता के परिजनों ने महिला चिकित्सक के विरुद्ध कार्रवाई किए जाने को लेकर हंगामा किया। सूचना मिलने पर थानाध्यक्ष राजीव चौधरी पुलिस बल के साथ सीएचसी पहुंचे और परिजनों व महिला चिकित्सक रहमत जहां से वार्ता की। मृतक शिशु का पिता स्वास्थ्य कर्मियों पर कार्यवाई की मांग पर अड़ा रहा। पुलिस ने मृतक शिशु के पिता की तहरीर पर मामला दर्ज कर शव का पंचनामा भर कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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हर माह सौ से अधिक प्रसव
सीएचसी पर प्रतिमाह लगभग 100 से अधिक प्रसव होते हैं। ये सभी प्रसव सीएचसी पर तैनात बीयूएमएस महिला चिकित्सक, स्टाफ नर्स व एएनएम ही कराती हैं। सीएचसी पर एमबीबीएस महिला चिकित्सक की तैनाती न होना एक बड़ी समस्या है।
इनका कहना है प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि प्रसूता 11:30 बजे भर्ती हुई थी और 1:55 पर प्रसव हुआ था। प्रसव के बाद बच्चे के न चिल्लाने पर उसको रेफर किया गया, जहां उसकी मौत हो गई। मामले की जांच की जा रही है। अगर कोई लापरवाही सामने आती है तो कार्रवाई की जाएगी। - डा. विशाल दिवाकर, सीएचसी प्रभारी
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