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Bijnor News: दूध, मसाला या हो ड्राइफ्रूट, शुद्धता का वादा सफेद झूठ

Wed, 07 Jun 2023 12:33 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
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धामपुर क्षेत्र में आईस्क्रीम नमूना पैक करते खाद्य विभाग की टीम।
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- विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस पर विशेष
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-दूध, खोआ, पनीर, मसालो में सबसे ज्यादा मिल रही मिलावट
- मसालों में की जा रही रंग की मिलावट
नंबर गेम
- 436 खाद्य पदार्थों के नमूने दो साल में आए फेल
- 234 मामलों में एडीएम कोर्ट ने दो साल में सुनाया फैसला
- 87 लाख से ज्यादा का जुर्माना खाद्य पदार्थ के नमूने फेल आने पर लगाया
फाेटो..
अमन कुमार शर्मा
बिजनौर। क्या खाएं, सब चीज में मिलावट है। सुबह से उठकर शाम तक लोग मिलावट युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन कर रहे हैं। जिसका असर सेहत पर पड़ रहा है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पिछले दो सालों में 436 खाद्य पदार्थों के नमूने फेल आए हैं। दूध, खाेआ, पनीर, मसाले आदि के नमूने जांच में फेल आए हैं। चिंताजनक बात यह है कि ड्राइफ्रूट जैसी सुरक्षित माने जाने वाली खाद्य पदार्थ भी मिलावट से अछूते नहीं हैं। बादाम तक पर रंग चढ़ाकर उसे चमकदार बनाया जा रहा है।

विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस आज मनाया जा रहा है। लोगों में खानपान की वजह से कई तरह की बीमारियां बढ़ रही हैं। मोटापा, शुगर, रक्तचाप जैसी बीमारियों आमतौर पर लोगों में दिखाई दे रही हैं। मगर लोग खाद्य पदार्थों में मिलावट करने से बाज नहीं आ रहे हैं। सत्र 3023-24 में खाद्य विभाग की टीम ने 62 नमूने लिए। जिनमें से 35 नमूनों की रिपोर्ट आ गई है। इनमें से 27 नमूने फेल आ गए हैं। एडीएम कोर्ट में 22 वाद दायर किए गए हैं। इनमें से 15 का निर्णय आ गया है। जिसके चलते एडीएम कोर्ट ने आठ लाख 29 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। मसालों में अलग-अलग रंग की मिलावट की जा रही है। मसाले ज्यादातर असुरक्षित पाए गए हैं। (संवाद)
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दूध में फैट कम, मसालों में रंग
खाद्य विभाग की टीम ने दूध के जो भी नमूने लिए हैं। सभी नमूने अधोमानक पाए गए हैं। इसका कारण दूध में फैट का कम आना है। दुकानदार दूध से मलाई निकाल लेते हैं। या दूध में पानी ज्यादा मिलाते हैं। जिसकी वजह से दूध और उससे बने खाद्य पदार्थों के नमूने फेल आते हैं। मसालों में रंग मिलाया जा रहा है। जिससे मसाले असुरक्षित श्रेणी में पहुंच रहे हैं। चावल पीसकर उसमें पीला रंग मिलाकर हल्दी तैयार हो रही है।


दो साल में 436 खाद्य पदार्थों के नमूने आए फेल
खाद्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक सत्र 2021-22 और 2022-23 में खाद्य पदार्थों के 436 नमूने फेल आए हैं। जिनमें से एडीएम कोर्ट ने 234 मामलों में फैसला सुना दिया है। खाद्य पदार्थों के नमूने फेल आने पर एडीएम कोर्ट ने 87 लाख आठ हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। अभी कुछ मामलों में निर्णय आना शेष रह गया है।

बादाम चमकाने को चढ़ा दिया रंग
औषधि एवं खाद्य सुरक्षा प्रशासन विभाग की माने तो इस साल एक बादाम का नमूना भी फेल आया है। अब आप सोचते होंगे कि बादाम में किस तरह मिलावट हो सकती है तो विभाग की जांच रिपोर्ट चौंका देगी। रिपोर्ट में पता चला है कि बादाम को चमकदार बनाने के लिए रंग का इस्तेमाल किया गया था। यह रंग स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक हो सकता है।

खाद्य पदार्थों के लिए गए नमूनों की सूची
नमूनों की सूचना- 2021-22- 2022-23
निरीक्षण- 3290- 2789
छापे- 251- 216
नमूने- 355- 298
रिपोर्ट- 247- 300
नमूने फेल- 225- 211
एडीएम कोर्ट में दायर वाद- 176- 198
सीजेएम कोर्ट में दायर वाद- 25- 7
दायर वाद का निर्णय- 148- 86
जुर्माना- 5863000- 2845000
नोट: आंकड़े खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग से लिए गए हैं।

मंगलवार को लिए आइस्क्रीम के चार नमूने
खाद्य विभाग की ओर से 10 जून तक अभियान चलाकर आइस्क्रीम के नमूने लिए जाएंगे। मंगलवार को धामपुर के जैतरा से राज फूड प्रोडेक्ट दुकान से चार नमूने लिए गए। जिनमें दो आइस्क्रीम और आइसकैंडी शामिल हैं। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी संजीव कुमार ने बताया कि सभी जगहों से नमूने आइस्क्रीम के नमूने एकत्र किए जाएंगे।
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वर्जन::
खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों के खिलाफ विभाग की तरफ से समय-समय पर अभियान चलाया जाता है। जांच में फेल आने पर दुकान संचालकों के खिलाफ वाद दायर कर जुर्माना भी लगाया जा रहा है। मिलावटखोरी के खिलाफ विभाग की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
....पंकज कुमार, अभिहित अधिकारी, बिजनौर
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