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फ्री बिजली का वादा कर लगवा रहे मीटर

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बिजनौर कलक्ट्रेट में भाकियू की पंचायत में ट्रैक्टरों से जाते कार्यकर्ता। - फोटो : BIJNOR
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फ्री बिजली का वादा कर लगवा रहे मीटर
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बिजनौर। नलकूपों पर मीटर नहीं लगाने, बिलाई चीनी मिल सहित अन्य मिलों से बकाया भुगतान दिलाने की मांग को लेकर भाकियू के बैनर तले शनिवार को कलक्ट्रेट में किसानों की महापंचायत हुई। पंचायत में प्रदेश भर से आए भाकियू नेताओं ने बिजली, बकाया भुगतान, किसानों को फ्री बिजली देने, सरकारी विभागों के निजीकरण का विरोध करते हुए केंद्र व प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने भाजपा के चुनावी वादों को याद दिलाते हुए कहा कि तब नलकूपों की बिजली फ्री देने की बात करते थे। अब बिल महंगे करने के साथ मीटर और लगवाए जा रहे हैं।
बिजनौर चीनी मिल केन यार्ड व स्टेशन के पास सुबह से ही किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में संवार होकर पहुंचे। वहां से भाकियू प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत की अगुवाई में किसानों का काफिला जुलूस की शक्ल में नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचा। महापंचायत में भाकियू के प्रदेशाध्यक्ष राजपाल शर्मा ने कहा कि किसानों का शोषण हो रहा है। चौधरी राकेश टिकैत किसानों को जगा रहे हैं और किसानों के हकों की लड़ाई लड़ रहे हैं। प्रदेशाध्यक्ष पश्चिम पवन खटना ने किसानों की समस्या पर विचार रखे और उनके निदान की वकालत की। पश्चिमी उत्तर प्रदेश प्रभारी वीरेंद्र यादव, मुरादाबाद मंडल अध्यक्ष बाबूराम तोमर ने कहा कि किसानों का हित भाकियू में ही सुरक्षित है। यदि प्रशासन चाहता है, तो यह लड़ाई की शुरुआत बिजनौर की धरती से ही होगी।
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प्रदेश उपाध्यक्ष चौधरी राजेंद्र सिंह ने कहा कि बिजली विभाग की मनमानी से किसान परेशान हैं। जबरन मीटर उनके नलकूपों पर लगवाए जा रहे हैं। उन्होंने भाजपा के चुनावी वादों को याद दिलाते हुए कहा कि तब नलकूपों की बिजली फ्री देने की बात करते थे। अब बिल महंगे करने के साथ मीटर और लगवाए जा रहे हैं। सरकार की वादा खिलाफी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिलाध्यक्ष चौधरी कुलदीप सिंह, चौधरी राजेंद्र सिंह पप्पू, दिनेश कुमार, विरेंद्र सिंह व धर्मवीर सिंह धनकड़ ने चौधरी राकेश टिकैत के सम्मुख जनपद की विभिन्न समस्याओं को उठाया। महापंचायत में आई भीड़ के लिए संगठन की ओर से भोजन की व्यवस्था की गई। कई गांवों के किसान भी भोजन लेकर पंचायत में पहुंचे। गन्ना समिति परिसर में किसानों खाना बनाया और काफी किसानों ने समिति में बैठकर खाना खाया और स्टेशन के पास भी भंडारे का आयोजन किया गया।
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