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कार्बेट टाइगर रिजर्व के पुर्न सीमांकन को लेकर कालागढ़ में बैठक शुरू

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कालागढ़ के नेचर गाइड वाइल्ड लाइफ सेंटर में पुर्न सीमांकन को लेकर बैठक करते अधिकारी। - फोटो : DHAMPUR
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पुनर्सीमांकन के लिए कालागढ़ में बैठक शुरू
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कालागढ़। कार्बेट टाइगर रिजर्व के सीमांकन को लेकर कार्बेट टाइगर रिजर्व एवं प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक कालागढ़ में शुरू हो गई है। अभिलेखों के आधार पर अधिकारी, जनप्रतिनिधि तर्क वितर्क में लगे हैं। कार्बेट टाइगर रिजर्व के सीमांकन को लेकर लंबे समय से कालागढ़ की जनता ने चुनौती दी हुई थी। स्थानीय जनता, सामाजिक एवं राजनीतिक संगठनों ने समय-समय पर सीमांकन को जनता के हितों के विपरीत बताते हुए दोबारा सीमांकन कराए जाने की मांग उठाई। बैठक देर रात तक चलने की संभावना है।
क्षेत्रीय विधायक एवं विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूरी भूषण ने कालागढ़ में जनता दरबार के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित किया था कि 45 दिनों के अंदर जनता की मांग एवं भाजपा की स्थानीय कार्यकारिणी की मांग पर बैठक कर समस्या का समाधान निकाला जाए। जिस पर कार्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक ने 4 सदस्य दल के साथ एक निरीक्षण दल गठित किया। जिसकी बैठक बृहस्पतिवार को कालागढ़ के वन विभाग के नेचर गाइड एवं वाइल्डलाइफ सेंटर में दोपहर के बाद शुरू हुई। बैठक में कार्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक धीरज पांडेय, उपनिदेशक नीरज कुमार शर्मा, तहसीलदार एवं सर्वे ऑफ इंडिया के अधिकारी पहुंचे और आम जनता की ओर से भाजपा नेता शंकर सिंघल एवं वीएन सिंह यादव अधीनस्थ अधिकारियों के साथ बैठक में पहुंचे। बैठक में जनता की ओर से सीमांकन को लेकर तर्क वितर्क अधिकारियों से शुरू हो गए हैं। वही अधिकारी सरकारी रिकॉर्ड का अवलोकन करने में जुटे हुए हैं। बैठक देर रात तक चलने की संभावना है।
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वहीं स्थानीय भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष योगेश कुमार ने बताया कि कार्बेट टाइगर रिजर्व के सीमांकन की वजह से आबादी क्षेत्र में मानव वन्यजीव संघर्ष की समस्याएं भी उठ रही हैं। आबादी क्षेत्रों में वन्य जीवों का आना जाना शुरू हो जाता है। आम जनता की सुरक्षा खतरे में है। दोबारा सीमांकन से समस्या का समाधान निकलने की आस है।
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