बिजनौर। जिले की बिजनौर और नगीना सीट पर फिर से परचम फहराने के लिए बसपा सुप्रीमो ने अपनी रणनीति टिकाऊ, जिताऊ और बिकाऊ के इर्द-गिर्द रही। परंपरागत वोट बैंक यानि दलित के टिकाऊ बने रहने पर फोकस किया। जिताऊ से सोशल इंजीनियरिंग कर जाट और मुस्लिम मतदाताओं पर डोरे डाले। बिकाऊ का जिक्र कर नए दलित नेताओं के पाले में परंपरागत वोट को जाने से रोकने की रणनीति पर जोर रहा। 29 मिनट के भाषण में बसपा सुप्रीमो ने दोनों ही लोकसभा सीटों पर फिर से जीत दर्ज कराने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी।
मंगलवार को 2:13 बजे बसपा सुप्रीमो मंच पर पहुंची। मंच पर पहुंचते ही उन्होंने हाथ हिलाकर भीड़ का अभिवादन किया। ठीक तीन मिनट बाद उन्होंने अपने भाषण की शुरुआत में कहा कि हमारी पार्टी कांग्रेस, बीजेपी या अन्य किसी गठबंधन में नहीं बल्कि अपने बूते अकेले चुनाव लड़ रही है। भीड़ को देख उन्होंने कहा कि अहसास हो रहा है कि पिछली बार की तरह ही अपनी पार्टी का रिजल्ट आएगा।
कहा कि भाजपा सरकार में जातिवाद, पूंजीवादी सोच के चलते गरीबों, दलितों, पिछड़ों और मुस्लमों का विकास नहीं हो सका है। कहा कि धन्नासेठों को तवज्जों दी जा रही है, इसलिए प्राइवेट सेक्टर में आरक्षण का लाभ नहीं मिल रहा है। सच्चर कमेटी में जिक्र किया कि अल्पसंख्यकों की हालत दयनीय है।
उन्होंने किसान, व्यापारी, दलित, पिछड़ा, अल्पसंख्यकों और जाटों को खूब रिझाया। जाटों को बसपा शासनकाल में हुई पुलिस भर्ती का हवाला दिया, साथ ही चौधरी चरण सिंह के सपनों को साकार करने की बात भी कह डाली।
बसपा के मंच पर ये रहे मौजूद
मंच पर शमसुद्दीन राइन, रणविजय सिंह, विजय सिंह, पूर्व विधायक हरपाल सिंह, पूर्व मंत्री धनीराम सिंह, बालकराम, जफर मलिक, नंदराम प्रजापति, बिजनौर लोकसभा से बसपा उम्मीदवार चौधरी बिजेंद्र सिंह और लोकसभा से प्रत्याशी सुरेंद्र सिंह मेनवाल, बृजपाल सिंह, जितेंद्र सागर, नाजिम अलवी, शकील हाशमी, पूर्व विधायक इकबाल ठेकेदार आदि मौजूद रहे।
मायावती को भेंट किया मुकुट
बिजनौर पहुंचीं मायावती को बसपा उम्मीदवार बिजेंद्र सिंह की बेटी की ओर से मुकुट भेंट किया गया।