नूरपुर में नहीं लगा शहीद मेला
नूरपुर। शहीद स्थल पर इस वर्ष शहीद मेले का आयोजन नहीं हुआ। सादे समारोह में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए शहीदों को पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। आजादी के आंदोलन के दौरान 16 अगस्त 1942 को थाने पर तिरंगा झंडा फहराने के दौरान ब्रिटिश पुलिस की गोली लगने से गांव गुनियाखेड़ी निवासी परवीन सिंह और ग्राम अस्करीपुर निवासी रिक्खी सिंह शहीद हो गए थे। उनकी याद में थाने के सामने शहीद स्मारक बना हुआ है। प्रत्येक वर्ष 16 अगस्त को शहीद स्थल पर शहीद मेले व श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया जाता है। इस वर्ष कोरोना के कारण शहीद स्थल पर मेला नहीं लग सका सादे समारोह में लोगों ने शहीद स्तंभ पर पुष्प अर्पित कर शहीदों को नमन किया। इस दौरान चांदपुर एसडीएम कुंवर वीरेंद्र सिंह, सीओ राकेश श्रीवास्तव ने कहा कि आजादी के आंदोलन में अपनी जाने देने वालों को कभी भुलाया नहीं जा सकता। थाने के प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार पांचाल, भाजपा नेता आयुष चौहान, स्वतंत्रता सेनानी लेखराज सिंह, विजय सिंह, जयपाल सिंह, अशोक शर्मा, चंद्रपाल सिंह, राम स्वरूप सिंह, अनिल चौहान, संजीव गुर्जर, गुरमुख सिंह दीवान, पालिका लिपिक वीर सिंह आदि मौजूद रहे।